कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। इस दिन स्नान और दान को बहुत पवित्र माना जाता है।कहा जाता है इस दिन गंगा स्नान करने से सभी जन्मों के पापो से मुक्ति मिल जाती है।
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ganga snan in guru purnima
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मान्यता है इस दिन गंगा स्नान करने से सभी देवी-देवता एक साथ प्रसन्न हो जाते हैं। इस विशेष मौके पर पूरे विधी-विधान के साथ पूजा -अर्चना की जाती है, जिसका दोगुना फल प्राप्त होता है। इस दिन किए गए दान का भी बहुत महत्व होता है। इस दिन पूजा करने से हमारी कुडंली के सभी दोषों से हमें छुटकारा मिल जाता है।
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ganga snan
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इसी दिन भगवान शंकर ने राक्षस त्रिपुरासर का वध किया था,इसलिए इस दिन को त्रिपुरा पूर्णिमा के नाम से भी जानते है। राक्षस त्रिपुरा एक लाख वर्ष तक प्रयाग में तपस्या कर भगवान से वरदान मांग लिया था, कभी किसी मनुष्य और देवताओं के हाथ न मरने की,इस वरदान के बाद वह सभी परेशान करना शुरू कर दिया था। इसके बाद भगवान शंकर ने वध कर सभी देवी-देवताओं को उससे मुक्ति दिलाई थी।
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श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए लोग प्रयाग, बनारस, हरिद्वार,गंगोत्री और ऋषिकेश जाते हैं। इस दिन सूर्योदय से पहले गंगा स्नान कर पूरे दिन का उपवास रखते हैं, जिसका विशेष फल मिलता है। कुछ लोग स्नान करने के बाद ब्राम्हणों को दान देते हैं ंतथा घर में हवन करवाते हैं।
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ganga snan
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कार्तिक स्नान के दौरान गंगा घाट पर लोग दीप दान भी करते हैं, जिसे उनके रुके हुए काम हो जाते हैं। इस दिन गंगा घाट की सुंदरता देखते बनती है। गंगा घाट पर दूर-दराज से आएं लोग इसकी खूबसूरती बढ़ा देते है। बता दें इन घाटों पर सुबह के 4 बजे से यहां लोगों की स्नान करने की लंबी कतार लगनी शुरू हो जाती है।