सेहतमंद रहने के लिए हम अक्सर इस बात पर ध्यान देते हैं कि खाने की प्लेट में क्या है? स्वास्थ्य विशेषज्ञ डाइट में फल-सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और प्रोटीन वाली चीजों को डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या सिर्फ हेल्दी चीजें खाना ही पर्याप्त है?
डायटीशियन की सलाह: क्या खाते हैं से ज्यादा कब खाते हैं पर ध्यान देना जरूरी, क्या होता है सेहत पर असर?
अच्छी सेहत के लिए पौष्टिक आहार तो जरूरी है ही साथ ही उसकी टाइमिंग भी महत्वपूर्ण हो सकती है। इसका शरीर के मेटाबॉलिज्म और हार्मोन्स पर असर होता है। रात में देर से भारी भोजन और अनियमित खान-पान आपके लिए समस्या बढ़ा सकता है।
हमारे शरीर में एक प्राकृतिक बायोलॉजिकल क्लॉक होती है, जो नींद से लेकर पाचन और हार्मोन के कामकाज तक कई प्रक्रियाओं को नियंत्रित करती है। खाने का समय भी इससे जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि एक ही भोजन अगर सही समय पर लिया जाए तो उसका असर अलग और बहुत देर से खाने पर अलग तरह से हो सकता है।
रात में देर से भारी भोजन करना और दिन में लंबे समय तक कुछ न खाना आपके लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
बायोलॉजिकल क्लॉक का रखें ध्यान
हमारा शरीर 24 घंटे की जैविक लय के अनुसार कई काम करता है। दिन और रात के हिसाब से हार्मोन और मेटाबॉलिज्म में बदलाव होते हैं। इसलिए भोजन का समय भी शरीर की इस लय से जुड़ा हो सकता है। नियमित समय पर खाना एक व्यवस्थित दिनचर्या बनाने में मदद करता है। समय पर भोजन करने से उसका पाचन आसान होता है और शरीर को बेहतर लाभ मिल पाते हैं।
रात में देर से खाने से क्या होता है?
रात में बहुत देर से भारी भोजन करने पर पाचन और नींद प्रभावित हो सकती है। कुछ अध्ययनों में देर से खाने का वजन, ब्लड शुगर तथा मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर असर हो सकता है। तमाम अध्ययनों से पता चलता है कि शाम को 7-8 के बीच डिनर कर लेना सबसे अच्छा रहता है। डिनर के बाद 10-15 मिनट की हल्की वॉक भोजन को पचाने और शरीर के शुगर को बढ़ने से रोकने में मदद करता है।
खाने के बीच बहुत लंबा अंतर ठीक नहीं
लंबे समय तक मील में गैप को भी सेहत के लिए खतरनाक माना जाता है। लंबे समय तक भूखे रहने से आपको ज्यादा भूख लग सकती है और अगली बार जरूरत से ज्यादा खाने की आशंका बढ़ जाती है। डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेने वालों के लिए भोजन में लंबा गैप ब्लड शुगर प्रभावित कर सकता है। इसलिए दो मील के बीच ज्यादा गैप नहीं रखना चाहिए। थोड़ी-थोड़ी देर पर हल्का और पौष्टिक चीजें खाते रहना चाहिए।
- शरीर को स्वस्थ रखने के लिए डाइट में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें और पर्याप्त प्रोटीन वाली चीजें शामिल करें।
- भोजन का समय नियमित रखें और रात में बहुत भारी भोजन से बचें।
- डायबिटीज या दूसरी बीमारी होने पर भोजन का समय डॉक्टर या डाइटिशियन से तय करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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