जब भी सेहत को ठीक रखने की बात आती है तो सबसे पहले हमारे दिमाग में हार्ट हेल्थ का ख्याल आता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दिल की सेहत का ख्याल रखना सभी के लिए जरूरी है, पर इसके साथ-साथ हमें दूसरे अंगों को हेल्दी रखने पर भी गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए। क्या आप किडनी की स्वस्थ रखने के लिए जरूरी उपाय कर रहे हैं?
जानना जरूरी: क्या घर बैठे पता कर सकते हैं कि किडनी स्वस्थ है या नहीं? कब हो जाएं अलर्ट
Kidney Problems: पेशाब में बदलाव, शरीर में सूजन, लगातार थकान, खुजली और हाई ब्लड प्रेशर किडनी की समस्याओं का संकेत हो सकते हैं। किडनी की सही स्थिति जानने के लिए क्रिएटिनिन, ईजीएफआर और पेशाब में एल्ब्यूमिन जैसी जांच कराई जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को निरंतर अपनी किडनी को स्वस्थ रखने पर ध्यान देते रहना चाहिए। अगर आपको लगातार कुछ समस्याएं बनी हुई हैं तो समय रहते इसपर ध्यान देकर डॉक्टर से मिलना जरूरी है। जांच के जरिए किडनी की बीमारियों के बारे में पुष्टि हो सकती है।
पेशाब में बदलाव तो नहीं
- किडनी की समस्या होने पर पेशाब में कुछ बदलाव दिखाई दे सकते हैं। पेशाब करने पर लगातार ज्यादा झाग बनना पेशाब में प्रोटीन आने का संकेत हो सकता है। वहीं पेशाब रंग में बदलाव जैसे पेशाब का रंग गुलाबी, लाल या भूरा दिखना भी किडनी की समस्याओं की ओर इशारा हो सकता है। ऐसे बदलाव लगातार दिखें, तो डॉक्टर से सलाह लें।
चेहरे, हाथों या पैरों में सूजन
- किडनी जब शरीर से अतिरिक्त पानी और सोडियम ठीक तरह से बाहर नहीं निकाल पाती, तो शरीर में तरल जमा होने लग जाता है। इसके कारण सुबह आंखों के आसपास सूजन दिख सकती है। इसके अलावा आपको टखनों, पैरों या हाथों में भी सूजन हो सकती है। इन समस्याओं के साथ सांस फूलने की दिक्कत भी बढ़ गई हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ले लें।
लगातार थकान और कमजोरी
- अगर पर्याप्त आराम करने के बाद भी थकान बनी रहती है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। किडनी की क्रॉनिक बीमारी में खून की कमी यानी एनीमिया होने का खतरा रहता है, जिससे कमजोरी महसूस होती है। शरीर में ऊर्जा कम महसूस होती है या फिर बिना स्पष्ट कारणों के कमजोरी बनी रहती है तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
त्वचा में खुजली
- किडनी की बीमारी बढ़ने पर शरीर में मिनरल और दूसरे पदार्थों का संतुलन बिगड़ने लगता है। इससे त्वचा में लगातार खुजली हो सकती है। कुछ लोगों को पैरों में मांसपेशियों की ऐंठन महसूस हो सकती है और नींद भी प्रभावित हो सकती है।
ब्लड प्रेशर बढ़ना
हाई ब्लड प्रेशर और किडनी की बीमारी का एक-दूसरे से गहरा संबंध है। हाई बीपी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है और किडनी की बीमारी ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकती है। इसलिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर चेक करें।
- अगर आपको डायबिटीज है तो नियमित रूप से किडनी की जांच कराएं। बीपी के मरीजों को नमक का सेवन कम करने के साथ और शारीरिक गतिविधियों पर जरूर ध्यान देना चाहिए।
किडनी स्वस्थ है या नहीं, कैसे पता करें?
अगर आपको भी कुछ समय से पेशाब में बदलाव, शरीर में सूजन या फिर बीपी हाई रहने की दिक्कत बनी रहती है तो डॉक्टर से मिलकर किडनी की जांच जरूर करा लें। किडनी की सेहत के बारे में जानने के लिए डॉक्टर खून में क्रिएटिनिन और पेशाब में एल्ब्यूमिन की जांच करा सकते हैं।
- जिन लोगों को पहले से डायबिटीज, हाई बीपी या किडनी डिजीज की हिस्ट्री रही है उन्हें इस तरह के लक्षणों को लेकर और भी सावधान रहना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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