फंगल इन्फेक्शन, कवकों के कारण होने वाला संक्रमण है। जब हमारे शरीर के हिस्से पर फंगस जमा हो जाएं और इम्यून सिस्टम उससे लड़ न पाए तो इसका संक्रमण हो सकता है। ये संक्रमण किसी को भी प्रभावित कर सकता है और शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकता है।
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फंगल इन्फेक्शन त्वचा पर नमी, अधिक पसीने आने और कमजोर इम्युनिटी के कारण हो सकता है। नीम, एलोवेरा और नारियल तेल जैसे घरेलू उपायों के बारे में जानना उपयोगी है।सही इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह लें।
इन कारणों से होता है फंगल इन्फेक्शन
इम्यून सिस्टम के कमजोर होने के कारण फंगल इन्फेक्शन हो सकता है। आमतौर पर त्वचा में नमी या गर्म वातावरण के कारण भी ये होता है। ज्यादा पसीना आने पर फंगस बढ़ने लगते हैं जो शरीर में कई प्रकार की जटिलताओं का कारण बन सकते हैं।
- ये कई अन्य कारणों से भी हो सकता है जैसे किसी गंदी चीज को छूना, खुले कपड़े न पहनना, शरीर को हवा न लगना, जननांगों की ठीक से सफाई न करना आदि।
नीम इस प्रकार के संक्रमण में लाभकारी
नीम कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। जो कई प्रकार के संक्रमण से बचाने में कारगर है। इसमें एंटी बैक्टीरियल तत्व होते हैं, जो फंगस की जड़ तक जाकर उसे खत्म करता है। इसमें दो महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं ‘गेदुनिन' और ‘निबिडोल', ये फंगल इन्फेक्शन को खत्म करने में कारगर हैं। इसका रस निकाल कर भी आप फंगल वाली जगह पर लगा सकते हैं। इसके पत्तों में एंटी फंगल गुण होने की वजह से ये जल्दी असर करता है।
सेब का सिरका
इन्फेक्शन की रोकथाम के लिए सेब का सिरका भी फायदेमंद हो सकता है। इसमें एंटी फंगल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण से लड़ने का काम करते हैं। सेब के सिरके को पानी में डायल्यूट करके संक्रमण वाले स्थान पर लगाने से इसे बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।
एलोवेरा का इस्तेमाल
एलोवेरा संक्रमण को रोकने में फायदेमंद हो सकता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीफंगल गुण भी होते हैं, जो फंगल संक्रमण में होने वाली खुजली से निजात दिलाता है। त्वचा पर एलोवेरा का जूस लगाएं, यह प्राकृतिक मॉस्चराइजर के रूप में भी काम करता है।
नारियल के तेल से हो सकता है फायदा
नारियल का तेल फंगल इंफेक्शन से होने वाले निशानों का सफाया करता है। इसमें विटामिन ई, लिनोलिक एसिड के साथ-साथ एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा से धाग धब्बों को कम करते हैं। खुजली वाले हिस्सो पर इसे लगाने से भी आराम मिलता है।
इन बातों का रखें ध्यान
इस इन्फेक्शन में आपको कई तरह की सावधानियां रखनी पड़ती है। जैसे रोजाना नहाएं, साफ कपड़े पहनें, नीम के साबुन का इस्तेमाल करें, दूसरे व्यक्ति की चीजें उपयोग में न लाएं इत्यादि। इस दौरान आप अपने कपड़ों को गर्म पानी से जरूर धोएं। खुजली न करें। इंफेक्शन खत्म होने के बाद भी डॉक्टर की सलाह पर कोर्स पूरा होने तक दवा लेते रहें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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