बंगलूरू स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के शोधकर्ता कोरोना वायरस के निदान के लिए एक उपकरण पर काम कर रहे हैं। यह उपकरण श्वसन तरंगों, खांसी और अन्य ध्वनियों के आधार पर इलाज में मदद करेगा। इस उपकरण को मंजूरी मिलने के बाद इससे इस तरह से जांच की जा सकेगी, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों को कम खतरा होगा और मौजूदा जांच विधि की तुलना में जल्द परिणाम सामने आ सकते हैं। वैज्ञानिक कोरोना के इलाज में मदद करने वाले इस उपकरण के विकास की कोशिश कर रहे हैं। चूंकि इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में सांस संबंधी समस्याएं शामिल हैं, इसलिए श्वसन तरंगों के जरिए बीमारी के बायोमार्कर का पता लगाना आसान होगा।
सांस की तरंगों और खांसी की आवाज सुनकर कोरोना के इलाज में मदद करेगा यह खास उपकरण
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Thu, 16 Apr 2020 01:32 PM IST
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