जब हम किसी बीमारी को लेकर डॉक्टर के पास जाते हैं तो वह जरूरी रिपोर्ट्स के साथ शारीरिक स्थितियों का मूल्यांकन करके उसके अनुसार दवाएं देते हैं। क्या आपने कभी गौर किया है कि प्रिस्क्रिप्शन पर दवा के साथ उसे कब खाना है, इसका भी कोड लिखा होता है?
जानना जरूरी: कुछ दवाओं को खाली पेट, तो कुछ को खाने को बाद लेनी की क्यों दी जाती है सलाह?
Medicine: कुछ दवाओं को खाली पेट जबकि कुछ दवाओं को खाने के बाद लेने की सलाह दी जाती है। इसके पीछे उनके अवशोषण, असर और पेट पर पड़ने वाले प्रभाव का असर माना जाता है। इसलिए दवा हमेशा डॉक्टर या फार्मासिस्ट के निर्देशों के अनुसार लें।
दवाओं को सही तरह से लेना जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दवाएं भले ही देखने में एक जैसी लगती हैं पर कुछ दवाओं का असर भोजन की वजह से कम हो सकता है, जबकि कुछ दवाएं खाली पेट लेने पर पेट में जलन या दूसरी परेशानी पैदा कर सकती हैं। इसलिए दवा लेने के समय का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।
- कुछ दवाएं भोजन की मौजूदगी में ठीक से अवशोषित नहीं हो पातीं। यानी दवा का पूरा हिस्सा खून तक नहीं पहुंच पाता और उसका असर कम हो सकता है। इसलिए ऐसी दवाओं को खाली पेट लेने की सलाह दी जाती है।
- थायरॉइड हार्मोन की कमी में इस्तेमाल होने वाली दवा लेवोथायरॉक्सिन आमतौर पर खाली पेट लेने की सलाह दी जाती है। भोजन, कॉफी और कैल्शियम या आयरन की कुछ दवाएं इसके अवशोषण को प्रभावित कर सकती हैं।
खाने के बाद दवा लेने से क्या फायदा होता है?
कुछ दवाएं पेट में जलन, दर्द, मितली या दूसरी परेशानी पैदा कर सकती हैं। भोजन के साथ या भोजन के बाद लेने से इन समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
- उदाहरण के लिए, इबुप्रोफेन जैसी कुछ पेनकिलर दवाएं पेट में जलन और अल्सर का जोखिम बढ़ा सकती हैं। इन्हें भोजन के साथ लेने से पेट की परेशानी कम हो सकती हैं।
- कुछ दवाओं के अवशोषण के लिए भोजन जरूरी भी हो सकता है। विटामिन डी जैसी वसा में घुलने वाली दवाओं या सप्लीमेंट्स का अवशोषण भोजन में वसा होने पर बेहतर होता है।
दवाओं पर भोजन का क्या असर होता है?
क्या आप जानते हैं कि भोजन दवा के शरीर में पहुंचने और उसके असर को भी प्रभावित कर सकता है? कुछ दवाओं का अवशोषण भोजन से कम होता है, जबकि कुछ का बढ़ सकता है। कुछ दवाओं में खास खाद्य पदार्थों से परहेज करना भी जरूरी होता है।
- उदाहरण के लिए, लेवोथायरॉक्सिन दवा के साथ कैल्शियम और आयरन की खुराक लेने से उसका अवशोषण प्रभावित हो सकता है।
- वहीं, कुछ एंटीबायोटिक दवाओं के साथ दूध या कैल्शियम लेने से दवा का अवशोषण कम हो सकता है।
दवा लेते समय किन बातों का ध्यान रखें?
डॉक्टर कहते हैं, दवाओं से लाभ तभी मिल पाता है, जब सही डोज में और सही समय पर ली जाए।
- दवा लेते समय दवा के पर्चे पर दिए निर्देशों का पालन करें।
- जब तक अलग निर्देश न हों, दवा पानी के साथ लें। पानी के साथ दवा लेना अक्सर सबसे सुरक्षित माना जाता है।
- अगर कोई दवा छूट गई हो तो उसकी भरपाई के लिए खुद से डोज न बढ़ाएं।
- अगर दवा लेने के बाद उल्टी, पेट दर्द या अन्य परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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