how to apply oil in navel: बदलते मौसम में त्वचा का रूखापन, फटे होंठ, पेट की परेशानी और शरीर में जकड़न जैसी समस्याएं अधिकतर लोगों को सताती हैं। भारतीय घरों में कई पीढ़ियों से सरसों के तेल का इस्तेमाल घरेलू देखभाल के लिए किया जाता रहा है। ऐसा ही एक नुस्खा है सोने से पहले नाभि में सरसों के तेल की कुछ बूंदें डालना।
असल में सरसों के तेल में मौजूद फैटी एसिड (वसा) और विटामिन ई त्वचा की प्राकृतिक नमी को लॉक करके उसे अंदर से पोषण देते हैं। आयुर्वेदिक परंपरा में तेल मालिश को शरीर की देखभाल का एक हिस्सा माना गया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या नाभि में तेल लगाना सही है?
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त्वचा का रूखापन कम करे
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त्वचा का रूखापन कम करे
बदलते मौसम में त्वचा की नमी कम होने से ड्रायनेस और खिंचाव महसूस होता है। ऐसे में सरसों के तेल में मौजूद वसा त्वचा की ऊपरी परत को मुलायम बनाने में मदद करता है। नाभि के आस-पास तेल लगाने से त्वचा के उस हिस्से के साथ ही पूरे शरीर की त्वचा का रूखापन भी कम हो जाता है। हालांकि प्रभावित त्वचा पर सीधे मॉइस्चराइजर लगाना और ज्यादा असरदार हो सकता है।
फटे होंठों से दिलाता है राहत
सर्द हवाओं की ओर बढ़ते इस मौसम में होंठों का फटना काफी आम है। ऐसे में नाभि में सरसों का तेल लगाने से होंठ ड्राई नहीं होते। माना जाता है कि रोज रात को नाभि में सरसों का तेल लगाने से होंठ बेहद मुलायम और गुलाबी हो जाते हैं। हालांकि इसके साथ ही आप फटे होंठों के लिए पेट्रोलियम जेली या बिना खुशबू वाले लिप बाम भी लगा सकती हैं।
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पाचन
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पेट की हल्की असहजता में आराम
पेट पर गरम तेल से हल्की मालिश करने से आराम और सुकून का अनुभव होता है। असल में सरसों के तेल की मालिश से मिलने वाली गरमाहट पेट के आस-पास की मांसपेशियों को कुछ समय के लिए आराम महसूस होता है। वहीं मासिक धर्म के दौरान पेट के निचले हिस्से पर हल्की मालिश भी आराम देती है, क्योंकि तेल की हल्की गरमाहट सुखद अनुभव कराती है और आपको अच्छी नींद आती है।
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oil on navel
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नाभि में सरसों का तेल कैसे लगाएं?
रात में सोने से पहले नाभि को साफ और सुखाकर 2-3 बूंद सरसों का तेल लें। तेल को हल्के हाथों से नाभि और उसके आस-पास की त्वचा पर लगाएं। जोर से रगड़ने या बहुत अधिक तेल लगाने की जरूरत नहीं है। अगर जलन, लालिमा, खुजली या एलर्जी महसूस हो तो तुरंत धोकर इस्तेमाल बंद कर दें। संवेदनशील त्वचा वाले लोग पहले पैच टेस्ट जरूर करें।