मानसून दस्तक दे चुका है। हर बार की तरह मुंबई में भारी बारिश से सड़कें भर चुकी हैं। वो अलग बात कि अभी उत्तर भारत में हल्की बारिश हो रही है और कहीं अभी शुरुआत भी नहीं हुई है। लेकिन ये बदलते मौसम के लक्षण हैं जो स्वास्थ्य बिगाड़ सकते हैं। ऐसे में अपने स्वास्थ्य पर खास देने की आवश्यकता है। आगे की स्लाइड्स में जानें बारिश के मौसम में कौन सी बीमारियां आपको बीमार कर सकती हैं और उनके बचाव।
ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में दस्त, पेचिस, हैजा और टायफायड जैसी बीमारियां फैलने की ज्यादा आशंका होती है। इनसे बचने के लिए सबसे जरूरी है कि स्वच्छ पानी पीया जाए या पानी को उबालकर पिएं। अगर साफ पानी की सप्लाई नहीं हो सकती है, तो पीने के पानी में क्लोरीन टैबलेट का इस्तेमाल करना चाहिए।
नमी और इलेक्ट्रिक शॉक से बचाव
अगर छत या दीवार गीले हैं, तो पंखा बंद ही रखें और स्वीच बॉर्ड को न छुएं। बिजली के तार और अन्य सामानों से एक निश्चित दूरी पर रहें। चूंकि पानी विद्युत का सुचालक होता है, ऐसे में बिजली का झटका लगने का खतरा रहता है। इसके साथ ही गीले कारपेट और फर्नीचर के बीच एल्युमिनियम फॉयल के शीट्स रखने चाहिए। घरों में चप्पल पहन कर रहें वरना बैक्टीरिया से इन्फेक्शन होने का खतरा भी होता है।
मक्खी-मच्छर से फैलने वाली बीमारियों से बचाव
बारिश के दौरान मक्खी और मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां जैसे टायफायड और दस्त जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है इसलिए जरूरी है कि कहीं पर भी पानी का भराव न रहने दें। इसके साथ ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों से बचने का सबसे अच्छा तरीका मच्छरदानी का इस्तेमाल करना है। जब भारी बारिश हो रही हो, तो बाहर निकलने से बचें और किसी काम से निकलना ही पड़े, छाते या रेन कोट का इस्तेमाल करें।