नवजात शिशु का ख्याल रखना बहुत मुश्किल होता है। शिशु का ख्याल रखने के लिए बच्चे की मां को ढेर सारे वक्त, धैर्य और दृढ़ निश्चय की आवश्यकता होती है। कई बार मां का अधिक प्यार बच्चे की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है और इस बात का अहसास मां को नहीं हो पाएगा। इन्हीं में से एक आदत है बच्चों को खाना फूंक-फूंक कर खिलाना। आइए जानते हैं मां की ये आदत बच्चे को कैसे बीमार कर सकती है।
बैक्टीरिया फैलने का खतरा
दांतों को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी जा सकते हैं। ऐसे में अगर आपके दांतों में कैविटी है और आप बच्चे के खाने को फूंकते हैं तो इस बात का चांस ज्यादा बढ़ जाता है कि आपके मुंह में मौजूद बैक्टीरिया बच्चे के खाने में पहुंच जाएगा।
दांत निकलने से पहले कैविटी का खतरा
मुंह के बैक्टीरिया बच्चे के मुंह में दाखिल हो जाते हैं और प्लाक बनाने लगता है, जिससे बच्चे के दांत निकलने से पहले ही उसमें कैविटी धीरे-धीरे बढ़ने लगती है और केवल 5 से 6 महीने के अंदर बच्चे के दांत सड़ने शुरू हो जाते हैं।
ऐसे रखें उनका ध्यान
मुंह के बैक्टीरिया बच्चे को फूंक कर खाना खिलाने, एक ही चम्मच से बच्चे को खाना खिलाने या फिर बच्चों को मुंह या होंठ पर किसी द्वारा किस करने से पैरंट्स के सलाइवा के जरिए बच्चों के मुंह तक बैक्टीरिया पहुंच जाता है। इसलिए बच्चों के खाने को मुंह से फूंक न मारें।
अपने जूठे चम्मच से बच्चे को न खिलाएं या झूठा पानी उन्हें न पिलाएं। इसके अलावा अपने मुंह की डेंटल हाइजीन बनाए रखें। थोड़ी-थोड़ी देर में बच्चे के मुंह को साफ कपड़े से पोंछते रहें ताकि बैक्टीरिया को पनपने का मौका ना मिले। इसके अलावा हर बार खाना खाने या दूध पीने के बाद बच्चे की जीभ, दांत और गाल को अच्छी तरह से साफ करें।