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हार्ट हेल्थ: व्यायाम कम हो या ज्यादा, दिल की सेहत के लिए दोनों खतरनाक; बरतें सावधानी

Sun, 11 Oct 2026 08:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 11 Oct 2026 08:00 PM IST
सार

Heart Problems: लंबे समय तक बैठे रहना दिल की बीमारियों, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापे और डायबिटीज का जोखिम बढ़ा सकता है। दूसरी ओर शरीर की क्षमता से ज्यादा व्यायाम करने से भी दिल की सेहत को खतरा हो सकता है। इसलिए हार्ट को हेल्दी रखने के लिए रोजाना वॉक, संतुलित वर्कआउट और पर्याप्त आराम जरूरी है।

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How Sedentary Lifestyle and Too Much Exercise both Harm Your Heart health
दिल की सेहत का कैसे रखें ख्याल - फोटो : Amarujala.com/AI

दुनियाभर में दिल की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी इस समस्या का शिकार देखे जा रहे हैं।



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हृदय रोगों के बढ़ते मामलों का सबसे बड़ा कारण लाइफस्टाइल की गड़बड़ी है। ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना, घर आकर मोबाइल या टीवी देखते रहना और थोड़ी दूर पैदल चलने के बजाय गाड़ी से जाने की आदत सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के खतरे को बढ़ाती जा रही है।लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि की कमी मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज और दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती है। मसलन हार्ट को हेल्दी रखने के लिए नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां जरूरी हैं।

पर दिल को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ व्यायाम और मेहनत ही जरूरी नहीं है। कुछ लोग फिट रहने या तेजी से मसल्स बनाने के लिए जरूरत से ज्यादा व्यायाम करने लगते हैं। शरीर की क्षमता, उम्र और स्वास्थ्य का ध्यान रखे बिना घंटों वर्कआउट करना भी हार्ट की सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है।

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सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के खतरे - फोटो : Adobe Stock Photos

सेंडेंटरी लाइफस्टाइल से दिल को नुकसान 

सेंडेंटरी लाइफस्टाइल का मतलब लंबे वक्त तक बैठे या लेटे रहना और शरीर की गतिविधि बहुत कम होना है। इससे शरीर की कैलोरी बर्निंग कम होती है और वजन बढ़ने की आशंका रहती है। समय के साथ इसके कारण ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। ये सभी दिल की बीमारियों का खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है।
 

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट शारीरिक गतिविधि या एरोबिक व्यायाम करनी चाहिए। तेज गति से चलना या साइकिल चलाना भी आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
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बहुत तीव्रता वाले व्यायाम से बचें - फोटो : Freepik.com

क्या बहुत ज्यादा व्यायाम भी नुकसान पहुंचाता है?

व्यायाम आम तौर पर दिल के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन बहुत कठिन वर्कआउट, शरीर की क्षमता से ज्यादा वजन उठाना या पर्याप्त आराम के बिना लगातार जिम करना फायदे की जगह समस्याओं का कारण बन सकता है। इससे मांसपेशियों और जोड़ों में चोट लगने, अत्यधिक थकान, पानी की कमी और कभी-कभी हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
 

  • जिन लोगों को पहले से दिल की बीमारी है या जिनमें इसके जोखिम ज्यादा हैं, उन्हें बहुत कठिन व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। 
  • हार्ट को हेल्दी रखने के लिए मध्यम स्तर की गतिविधियां ज्यादातर लोगों के लिए काफी मानी जाती हैं। 
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थकान और सांस की समस्या - फोटो : Adobe Stock

व्यायाम करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

वर्कआउट के दौरान सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलने, चक्कर आने या बेहोशी जैसा महसूस होने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर सीने में दर्द के साथ पसीना, मतली या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत व्यायाम बंद करें और डॉक्टरी मदद लें। व्यायाम के साथ नींद, पौष्टिक भोजन और रिकवरी का ध्यान रखना जरूरी है।
 

  • लगातार थकान, मांसपेशियों में दर्द इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल रहा है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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