क्या आप जानते हैं कि शरीर में कई बीमारियों के लक्षण एक-दूसरे से मिलते-जुलते हो सकते हैं? हालांकि कई बार समय रहते इनकी पहचान न हो पाना आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है। सीने में दर्द, भारीपन या जलन महसूस होने को अक्सर लोग गैस या एसिडिटी समझ लेते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि इस तरह के लक्षण कई बार हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याओं के भी हो सकते हैं।
अलर्ट: हार्ट अटैक को गैस का दर्द समझने की न करें गलती, जानिए कैसे करें पहचान और कब हो जाएं अलर्ट
Heart Attack Vs Gas Pain: हार्ट अटैक और गैस के दर्द के लक्षण कभी-कभी एक जैसे हो सकते हैं। सीने में दबाव, सांस फूलना, ठंडा पसीना, मतली या दर्द का बांह और जबड़े तक फैलना हार्ट अटैक के संकेत हो सकते हैं। संदेह होने पर घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
हार्ट अटैक और गैस की समस्या
हार्ट अटैक तब होता है, जब हृदय की मांसपेशियों तक खून पहुंचाने वाली धमनी में रक्त प्रवाह गंभीर रूप से बाधित हो जाता है। वहीं दूसरी ओर गैस और एसिडिटी में पेट फूलने, डकार आने या सीने में जलन जैसी परेशानी हो सकती है। हालांकि, केवल दर्द की जगह, उसकी तीव्रता या डकार आने से दोनों में पक्का अंतर नहीं किया जा सकता। इसलिए इनके संभावित संकेतों को भी समझना जरूरी है।
हार्ट अटैक और गैस का दर्द
हार्ट अटैक में सीने के बीच में दबाव, जकड़न, भारीपन या दर्द महसूस हो सकता है। वहीं गैस और एसिडिटी में पेट फूलने, डकार और सीने में जलन की शिकायत हो सकती है। लेकिन दोनों के लक्षण एक-दूसरे से मिल सकते हैं, इसलिए सिर्फ दर्द पर ध्यान देने से पहचान नहीं हो सकती है। दर्द के साथ ये भी देखें कि ये कैसे फैल रहा है?
- हार्ट अटैक का दर्द एक या दोनों बांहों, कंधों, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैल सकता है। साथ में सांस फूलना, ठंडा पसीना, मतली या चक्कर भी आ सकते हैं।
- गैस में पेट में दर्द और डकार की परेशानी हो सकती है, पर ये दर्द फैलता नहीं है।
हार्ट अटैक की आशंका हो तो क्या करें?
हार्ट अटैक की समस्या गंभीर और जानलेवा हो सकती है इसलिए इसमें समय रहते डॉक्टरी मदद की जरूरत होती है।
अगर सीने में अचानक दबाव, दर्द अथवा भारीपन महसूस हो तो अलर्ट हो जाना चाहिए। इसके साथ सांस फूलने, पसीना या चक्कर आने जैसी दिक्कत हो तो तुरंत आपातकालीन डॉक्टरी मदद लें।दर्द अपने आप ठीक होने का इंतजार न करें और इसे गैस मानकर घरेलू नुस्खों पर निर्भर भी न रहें। हार्ट अटैक में हर मिनट कीमती होता है इसलिए जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर के पास जाएं।
अस्पताल में ईसीजी और जरूरत के अनुसार ट्रोपोनिन ब्लड टेस्ट से हार्ट अटैक का आकलन किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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