दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके लिए नियमित रूप से नट्स और सीड्स के सेवन की सलाह देते हैं। अखरोट और बादाम दोनों में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो मस्तिष्क के सामान्य कामकाज में मदद करते हैं। अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जबकि बादाम विटामिन-ई और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है। किशोरों पर हुए एक अध्ययन में अखरोट खाने से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में सुधार देखा गया।
ब्रेन हेल्थ: याददाश्त और एकाग्रता के लिए कौन सा ड्राई फ्रूट है बेहतर, जानिए क्या कहती है रिसर्च
अखरोट और बादाम दोनों मस्तिष्क की सेहत के लिए उपयोगी पोषक तत्व प्रदान करते हैं। किशोरों पर हुए एक अध्ययन में अखरोट के सेवन से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में सुधार के संकेत मिले। अखरोट ओमेगा-3 का स्रोत है, जबकि बादाम विटामिन-ई और मैग्नीशियम देता है।
अखरोट खाने से दिमाग को क्या फायदा होता है?
अखरोट में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (एएलए) नाम का ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। यह मस्तिष्क के सामान्य विकास और कोशिकाओं के कामकाज में मदद करता है।
- स्पेन के शोधकर्ताओं ने 11 से 16 साल की उम्र के 700 किशोरों पर अध्ययन किया। प्रतिभागियों को छह महीने तक रोजाना 30 ग्राम अखरोट खाने के लिए कहा गया।
- अध्ययन में कम से कम 100 दिनों तक अखरोट खाने वाले किशोरों में ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में सकारात्मक बदलाव देखे गए।
बादाम दिमाग के लिए कैसे फायदेमंद है?
बादाम में विटामिन ई, मैग्नीशियम, प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। विटामिन-ई कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाने में मदद करता है। वहीं, मैग्नीशियम तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। ये मानसिक तनाव तथा थकान को कम करने में मदद करता है।
- बादाम में मौजूद असंतृप्त वसा भी आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। जबकि हेल्दी फैट दिमाग के बेहतर विकास और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
अखरोट या बादाम, कौन ज्यादा फायदेमंद है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बादाम और अखरोट दोनों मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने में मददगार हो सकते हैं।
- अखरोट: ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है।
- बादाम: विटामिन ई, मैग्नीशियम, प्रोटीन और फाइबर देता है।
अध्ययन में किशोरों को रोजाना 30 ग्राम तक अखरोट खाने की सलाह दी जाती है। हालांकि सूखे मेवों में कैलोरी अधिक होती है, इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में खाना चाहिए। वहीं रोजाना 20-25 बादाम खाने को ठीक माना जाता है। हालांकि आहार में किसी भी तरह के बदलावों को लेकर सावधानी बहुत जरूरी है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।