साल 2022 का आखिरी चंद्रग्रहण 8 नवंबर को लगेगा। ग्रहण ऐसी खगोलीय घटना है जिसका ज्योतिसशास्त्र के अनुसार भी काफी महत्व है। चंद्रग्रहण जहां कुछ राशियों के लिए अच्छा प्रभाव लेकर आता है तो वहीं कुछ के लिए बुरा। मान्यता है कि ग्रहण के बाद घर के खास जगहों की सफाई करना जरूरी होता है। इसका सीधा असर घर की सुख-समृद्धि पर पड़ता है। हिंदू धर्म की इन मान्यताओं का ध्यान रखना बहुत जरूरी माना जाता है।
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Chandra Grahan 2022
- फोटो : amar ujala
ज्योतिषशास्त्र में सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण को अशुभ माना जाता है। इसलिए ग्रहण काल की अवधि के बाद फैली नकारात्मकता को कम करने के उपाय बताए जाते हैं। इन्हीं में से एक है घर की साफ-सफाई। ग्रहणकाल के बाद घऱ की शुद्धि की जाती है। जिससे कि ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाए। इस दौरान मंदिर की इस तरह से साफ-सफाई की जानी चाहिए।
घर में मंदिर में छिड़के गंगाजल
गंगाजल को बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि ग्रहण काल के 9 घंटे पहले ही सूतक लग जाता है। इस दौरान मंदिरों में पूजा-पाठ, घंट, शंखध्वनि सब बंद कर दी जाती है और मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस समय किसी भी तरह की पूजा करना वर्जित होता है। ग्रहण काल के बाद स्नान करना चाहिए और साफ वस्त्र पहनकर मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
ग्रहण के खत्म होने के बाद मंदिर में गंगाजल छिड़के और मूर्तियों की सफाई करें। मूर्तियों की सफाई के लिए नींबू, दही, पानी, शहद और चंदन का इस्तेमाल करें। इससे ग्रहण के सारे दुष्प्रभाव खत्म होते हैं। मूर्तियों को साफ करने के बाद नए वस्त्र पहनाने चाहिए।
बदलें मंदिर की सजावट
मंदिर को हमेशा सजाकर रखते हैं तो चंद्रग्रहण लगने के बाद मंदिर की साज-सजावट को भी बदल दें। मंदिर की नकारात्मकता को खत्म करने के लिए वो सारी चीजों को प्रवाहित कर देना चाहिए जो बाहर कर सकती हैं। जैसे फूल, धूप, दीप. नैवेद्य।