भारत को पूरी दुनिया में विविधताओं का देश कहा जाता है। यहां जगह बदलते ही बोली, वेश-भूषा व खान-पान सबकुछ बदल जाता है। यहां एक ही त्योहार को मनाने का अंदाज अलग है। होली भी एक ऐसा त्योहार है जिसे हर राज्य में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। आइए जानते हैं किन राज्यों में किस तरह मनाई जाती है विशेष होली।
मध्य प्रदेश के मालवा अंचल में मनाया जाने वाला भगोरिया उत्सव भी होली का ही एक रूप है। भगोरिया मध्य प्रदेश के मालवा अंचल के आदिवासी इलाकों में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। भगोरिया के वक्त सभी क्षेत्र को हाट बाजार मेले का रूप दे दिया जाता है। भगोरिया हाट बाजारों में भील समाज के युवक-युवती तैयार होकर अपने जीवनसाथी को खोजने आते हैं।
इस मेले के दौरान लड़का लड़की को पान खिलाता है अगर लड़की पान खा लेती है तो यानी की लड़की की हां है और लड़का-लड़की दोनों आपस में शादी कर लेते हैं। यदि लड़की के गाल पर लड़का गुलाबी रंग लगाता है और बदले में लड़की भी लड़के को रंग लगा देती है तो रिश्ता तय माना जाता
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल की सरोवर नगरी नैनीताल और अल्मोड़ा जिले में होली के अवसर पर बैठकी का आयोजन किया जाता है। यहां होली से काफी पहले ही मस्ती और रंग छाने लगता है। यहां बैठकी होली और खड़ी होली गाने की शास्त्रीय परंपरा है। इन गीतों में मीराबाई से लेकर नजीर और बहादुर शाह जफर की रचनाएं सुनने को मिल जाती हैं।
बंगाल में होली से एक दिन पहले यहां दोल जात्रा निकाली जाती है। इस खास मौके पर महिलाएं लाल किनारी पारंपरिक सफेद साड़ी पहन कर शंख बजाकर राधा-कृष्ष की पूजा करती हैं। दोल शब्द का अर्थ झूला होता है। इसमें बाजे के साथ-साथ कीर्तन और गीत गाए जाते हैं।