{"_id":"58bd1aff4f1c1b9e4ce7e3a2","slug":"third-day-of-ghoomer-in-rajasthan-university","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कुछ एेसी रंगीन प्रस्तुतियों के साथ हुआ घूमर का समापन","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
कुछ एेसी रंगीन प्रस्तुतियों के साथ हुआ घूमर का समापन
Mon, 06 Mar 2017 02:12 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 06 Mar 2017 02:12 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
jepm
- फोटो : रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ हुआ घूमर का समापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
राजस्थान विवि में तीन दिवसीय घूमर महोत्सव का रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ समापन हो गया। समारोह में राजस्थान की लोक संस्कृति को दर्शाने वाली विभिन्न प्रस्तुतियां पेश की गईं इसके साथ ही कई अन्य प्रतियोगिताएं भी आयोजित हुईं। प्रतियोगिताओं में कई कॉलेजों की कई टीमों ने हिस्सा लिया।
मेहंदी प्रतियोगिता में छात्राओं ने ली रुचि
2 of 5
महोत्सव में मेहंदी प्रतियोगिता भी आयोजित हुई
- फोटो : अमर उजाला
छात्राओं के लिए मेहन्दी प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में छात्राओं ने खासी रुचि दिखाई। इनमें परम्परागत मेहंदी, अरेबियन मेहंदी समेत कई स्टाइल की मेहंदी छात्राओं की कलाइयों पर सजती हुई नजर आई।
फेंसी ड्रेस कॉम्पिटीशन भी रहा मजेदार
3 of 5
फैंसी प्रतियोगिता में छाई छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
महोत्सव का खास आकर्षण फैंसी ड्रेस काम्पिटीशन भी रहा। प्रतियोगिता में एक छात्रा ने कोल्ड ड्रिंक के ट्रेटा पैक के प्रिंट वाली ड्रेस पहनकर जमकर चर्चा बटोरी। उसके अलावा कई अन्य छात्राएं भी अनोखी फैंसी ड्रेस पहनकर मंच पर उतरीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
संतुलन का भी दिया परिचय
4 of 5
नृत्य की अनोखी प्रस्तुति ने मोहा
- फोटो : अमर उजाला
प्रस्तुतियों में छात्राओं ने सिर पर कई मटके रखकर नृत्य किया। सिर पर मटके रखकर संतुलन बनाए रखना और नृत्य करना बेहद मुश्किल नजर आ रहा था, जिसे छात्राओं ने सहजता के साथ निभा दिया। दर्शकों ने भरपूर तालियों के साथ इन छात्राओं का उत्साह बढ़ाया।
विज्ञापन
मंच पर छाई फागुन की मस्ती
5 of 5
फाग की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
- फोटो : अमर उजाला
घूमर का मंच फागुन के रंग से भी नहीं बच सका। मंच पर बजते चंग- मंजीरे और फागुन के गीत गाते कलाकारों ने खूब रंगीन माहौल बनाया। शेखावाटी के गीतों को छात्र-छात्राओं ने पसंद भी किया। इस प्रस्तुति ने समारोह को फागुन की मस्ती से सराबोर कर दिया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।