पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार लगातार आमने-सामने हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही यह प्रतिद्वंद्विता और भी बढ़ गई है। इस बीच पड़ोसी देश नेपाल की घटनाओं ने इस चिर-परिचित समीकरण को बिगाड़ दिया है। ऐसे में अगर हालिया सियासी घटनाक्रमों को देखें तो लगता है कि सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा के मद्देनजर दोनों पक्षों को अब एक समझौते पर पहुंचने के लिए मजबूर होना पड़ा है। दरअसल, नेपाल के साथ बंगाल लगभग 100 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है, जिसमें सिलीगुड़ी का संवेदनशील चिकन नेक क्षेत्र भी शामिल है।
Nepal Crisis: नेपाल की हिंसा के बाद बंगाल और केंद्र सरकार सतर्क; सुरक्षा मसले पर राजनीतिक तल्खी से बनाई दूरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 16 Sep 2025 07:53 AM IST
सार
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'ये राष्ट्रीय हित के मुद्दे हैं और इन मुद्दों पर तृणमूल-भाजपा के बीच कोई मतभेद नहीं है। हमें राष्ट्रीय हित के प्रति सावधान रहना चाहिए। सुरक्षा के मुद्दे पर हम एकजुट हैं।' बंगाल के अपने हालिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का कोई जिक्र नहीं किया।
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