प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) की सेवाओं की शुरुआत की। आपका बैंक आपके द्वार का उद्घाटन करते हुए कहा कि आईपीपीबी देश में बड़ा बदलाव लेकर आएगा। अब हर घर तक बैंकिंग सेवा पहुंचेगी जिससे गरीब और गांव को सर्वाधिक फायदा होगा। उन्होंने कहा कि आज से डाकिया सिर्फ डाक नहीं, बैंक भी लेकर आएगा। सरकार पुरानी व्यवस्थाओं को उनके हाल पर नहीं छोड़ेगी। देश के इतिहास में एक सितंबर नई शुरुआत के लिए याद किया जाएगा।
तस्वीरेंः पीएम ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का किया उद्घाटन, 13 भाषाओं में बैंक सेवा होगी उपलब्ध
पीएम मोदी ने कहा कि करीब 20 लाख लोग इस समय इस कार्यक्रम से जुड़े है। केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री सांसद, विधायक मौजूद है। यह पहल तकनीक से जुड़ी हुई है। देश के कोने-कोने, दूरस्थ क्षेत्रों, आदिवासी क्षेत्रों यानी कि सभी तक बैंकिंग सेवा पहुंचाने का जो लक्ष्य है। आज उसका रास्ता खुल गया है। उन्होंने कहा कि आईपीपीबी देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक बदलाव में बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है। आपका बैंक आपके द्वार यह सिर्फ टैग लाइन नहीं, बल्कि यह हमारा सपना और प्रतिबद्धता है। गांव-गांव चिट्ठियां देने वाला डाकिया आज चलता फिरता बैंक भी बन गया है। डाकिए का प्रयास जरूर रंग लाएगा।
पीएम ने खुशी जताते हुए कहा कि आज क्यू आर कार्ड मुझे भी दिया गया मेरा भी बैंक खाता खुल गया। जो खाता नहीं है, उसका भी खाता होता है। उन्होंने कहा कि अब आपको बैंक खाता या कोई दस्तावेज रखने की जरूरत नहीं है, सिर्फ अंगूठे के निशान से काम हो जाएगा। इससे खाताधारक ज्यादा सुरक्षित रखेंगे, धोखाधड़ी की घटनाओं पर रोक लगेगी। याद रहे कि देशभर में 650 शाखाओं में आईपीपीबी की शुरुआत की गई है।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकारों के प्रति लोगों का विश्वास डगमगाया होगा, लेकिन डाकियों के प्रति कभी विश्वास नहीं डगमगाया। एक समय था जब डाकिया कही जाता था तो एक घुँघुर कि आवाज करते हुए जाता था तो चोर लुटेरे भी उन्हें परेशान नहीं करते थे। डाकिया को देखकर लोग समय का अनुमान लगाते थे, इतनी समयबद्धता थी। डाकिया को लेकर पहले जो विश्वास और सम्मान था वो आज भी कायम है।
पीएम ने कहा कि डाकिया डाक लाया के साथ-साथ अब डाकिया बैंक भी लाया। एक रफ़ल्म का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि रफ़ल्म में दिखाया गया चिट्ठियों को लेकर जा रहा प्लेन क्रैश कर गया था, लेकिन डाकिए ने किसी व्यक्ति की जिंदगी बचाने जैसे चिट्ठियों को बचाया। उन्होंने कहा कि संचार का माध्यम भले ही बदल गया हो, लेकिन मकसद तो वही है। तकनीक ने चुनौती दी और इसी को आधार बनाकर इसे हमने अवसर में बदलने का काम किया। आईपीपीबी भारतीय बैंकिंग की तस्वीर बदलेगा। यूपी या बिहार का कामगार जो दिल्ली-मुम्बई जैसे महानगरों में काम करते है, वह अपने घर परिवार को पैसा भेज पाएगा। मनरेगा का भुगतान, बिजली बिल का भुगतान के साथ ऋण और बीमा सेवा भी दे पाएगा। उन्होंने कहा कि सुकन्या योजना के तहत भी बेटियों का पैसा बचाने का काम भी यह बैंक करेगा। साथ ही महिला डाक सेविकाओं को 180 दिनों का मातृत्व अवकाश दिया जाएगा।