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बरेली-मुरादाबाद के बीच 115 की स्पीड से दौड़ी टेल्गो, ट्रायल रहा सफल
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Mon, 30 May 2016 12:50 AM IST
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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स्पेन तकनीकी के हाईस्पीड कोच टेल्गो का रविवार को सुबह बरेली से मुरादाबाद रूट पर ट्रायल शुरू किया गया। 115 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से यह ट्रायल हुआ, शाम को यह ट्रेन वापस आने के साथ ही रेलवे ने पहले दिन का ट्रायल पूरा किया। इसी रूट पर 12 जून तक इस ट्रेन का ट्रायल चलेगा। उसके बाद अगला ट्रायल मथुरा से पलवल रूट पर किया जाएगा।
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बरेली जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दो से सुबह 9.03 बजे टेल्गो के कोच मुरादाबाद को रवाना हुए। आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गनाइजेशन) की टीम और स्पेनिश टीम की देखरेख में ट्रायल किया गया। पहले राउंड में यह ट्रेन सुबह 10.10 बजे मुरादाबाद पहुंच गई। शाम चार बजे बरेली जंक्शन पर टेल्गो की वापसी के साथ एक फेरे का ट्रायल पूरा हुआ। बाद में ट्रेन को इज्जतनगर कारखाना ले जाया गया। टेल्गो कोच के ट्रायल के दौरान दोनों राउंड में भारतीय इंजन डब्ल्यूडीपी-4 डी लगाया गया था।
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पूर्वोत्तर रेलवे के चालक जगदीश चंद्र सहायक रमाकांत के साथ टेल्गो को लेकर ट्रायल के लिए रवाना हुए। रवानगी के दौरान बरेली जंक्शन पर इस ट्रेन को देखने वालों की काफी संख्या थी। उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल के डीआरएम ने बताया कि रविवार को एक फेरा लगाया गया, अभी आगे और ट्रायल होने हैं।
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टेल्गो का पहले दिन का ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा। आरडीएसओ की टीम ने एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हामिद अख्तर के निर्देशन में टेल्गो ट्रायल के दौरान स्पीड और कंपन आदि का डाटा सेंसर के जरिए जुटाया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आरडीएसओ अपनी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंप देगा। वहीं, ट्रायल के दौरान टेल्गो की हर सीट पर 50-50 किलो के रेत के बोरे रखे गए। यात्रियों के वजन के औसत के लिहाज से रेत के बोरों को रखा गया।
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ट्रायल के दौरान टेल्गो को देखने पहुंचे लोगों का कहना था कि यह हाईस्पीड ट्रेन दिल्ली-मुंबई रूट पर ही नहीं, बरेली-दिल्ली रूट पर भी चलाई जाए। डॉ. सुशील अस्थाना ने कहा कि टेल्गो को देखकर उम्मीद करते हैं कि बरेली वालों को भी ऐसी ही हाईस्पीड ट्रेन की सुविधा आने वाले समय में मिल सकेगी।