मशहूर गीतकार और शब्दों के जादूगर गुलजार 18 अगस्त को अपना 85वां जन्मदिन मनाएंगे। पंजाब में सिख परिवार में जन्मे गुलजार का असली नाम संपूर्ण सिंह कालरा है। फिल्मों में आने से पहले वह मैकेनिक की जॉब करते थे। बचपन से ही गुलजार को लिखने का शौक था, इसलिए जब भी गैरेज में उन्हें खाली समय मिलता तो वह कविताएं लिखा करते थे। एक दिन उनकी ये ही मेहनत रंग लाई। अपनी लेखने के दम पर आज वह बॉलीवुड का बड़ा नाम बन गए।
आज गुलजार अपनी शायरी और लेखने से करोड़ों दिलों पर राज करते हैं। उन्होंने बीस बार फिल्मफेयर और पांच बार राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किया। 2010 में उन्हें स्लमडॉग मिलेनेयर के गाने 'जय हो' के लिए ग्रैमी अवार्ड से नवाजा गया था। आइए उनके जन्मदिन के मौके पर जानते हैं उनकी लवस्टोरी के बारे में...
कहा जाता है कि गुलजार ने जब राखी को पहली बार देखा था तभी उन्हें उनसे प्यार हो गया था। दोनों की पहली मुलाकात बॉलीवुड की एक पार्टी में हुई थी। उस समय गुलजार और राखी दोनों का करियर बुलंदियों पर था। रिपोर्ट्स के अनुसार, जब दोनों ने शादी का फैसला लिया, तो गुलजार ने साफ कह दिया था कि वह शादी के बाद फिल्मों में काम नहीं करेंगी और राखी ने भी इस बात का वादा किया था।
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gulzar and rakhi
- फोटो : social media
गुलजार और राखी की शादी के बाद दोनों के घर बेटी मेघना का जन्म हुआ। इसके बाद शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। राखी और गुलजार ने अपने रास्ते अलग कर लिए। एक रिपोर्ट के अनुसार, राखी ने बताया था कि शादी से पहले काम न करने का वादा दिया था। मेरे ऐसे विचार भी थे, लेकिन समय के साथ विचार बदलने चाहिए। मैं खाली समय मेें क्या करू? इसलिए मैंने सोचा घर पर खाली बैठने से अच्छा है मैं कुछ चुनिंदा फिल्मों में काम करू। राखी ने फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया। यही कारण था कि दोनों में झगड़े शुरू हुए और तलाक के कागजात तक तैयार हो गए।
बहुत सारे लोगों ने राखी और गुलजार दोनों को समझाया कि वे बेटी मेघना (बोस्की) की खातिर समझौता कर लें, लेकिन दोनों अपनी बात पर अड़े रहे। गुलजार का कहना था कि वह तभी राखी को स्वीकार करेंगे, अगर वह फिल्मों में काम नहीं करेंगी। उधर राखी का कहना है, वह कुछ चुनी हुई फिल्मों में जरूर काम करेंगी। बस इसी बात पर दोनों ने अपनी राहें अलग कर लीं। इनके प्यार की कहानी पूरी होने के बाद भी अधूरी रह गई।
आज भी गुलजार की कामयाबी पर राखी मुस्कुराती हैं और गुलजार अपनी कविताओं में राखी को याद करते हैं। कहा तो यह भी जाता है कि फिल्म इश्कियां का हिट सॉन्ग दिल तो बच्चा है... को गुलजार ने राखी के लिए ही लिखा था.. जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी में राखी की अहमियत बताई थी और अपनी खता के लिए माफी भी मांगी थी।