तमिलनाडु की अनुकृति वास के 'फेमिना मिस इंडिया 2018' का खिताब जीतने के पीछे उनकी खूबसूरत सोच के साथ-साथ एक शख्स की मेहनत भी शामिल है। 19 साल की अनुकृति ने 19 जून 2018 को 30 कंटेस्टेंट को हराकर देश की सबसे सुंदर महिला का खिताब जीता। किसी भी खिताब को हासिल करने का सफर आसान नहीं होता। अनुकृति के लिए भी इस मुश्किल पल को आसान बनाने के पीछे एक खास शख्स योगी डॉक्टर अमृतराज का हाथ है जिसके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं। इन्होंने 30 कंटेस्टेंट पर 3 दिनों तक मेहनत की और उन्हें प्रतियोगिता के तनाव को सहने के लिए तैयार किया।
मिस इंडिया की प्रतियोगिता के लिए कंटेस्टेंट को एक खास ट्रेनिंग दी जाती है जिसमें उनकी फिटनेस का भी ख्याल रखा जाता है। इस ट्रेनिंग में न केवल कंटेस्टेंट के तौर-तरीकों बल्कि दिमागी तनाव को दूर करने की भी कोशिश की जाती है। फाइनल मुकाबले के पहले इन प्रतियोगियों के लिए तीन दिन की वर्कशॉप हुई। यह वर्कशॉप डॉक्टर अमृतराज की मौजूदगी में संपन्न हुई। इस वर्कशॉप में मिस इंडिया प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी कंटेस्टेंट को योग, प्रणायाम और ध्यान के द्वारा तनाव को कम करने की कोशिश की गई।
डॉक्टर अमृतराज ने इस वर्कशॉप के दौरान अनुकृति वास सहित सभी 30 सुंदरियों को दिमागी तौर पर मजबूत रहने की क्लास दी। इस ट्रेनिंग के तीन सेशन हुए जो करीब दो घंटे तक चले। इस सेशन के दौरान डॉक्टर अमृतराज ने कंटेस्टेंट को बताया कि कैसे तनाव के बीच सकारात्मक रवैया बनाए रखना चाहिए। इसके साथ ही बताया कि किसी भी व्यक्ति की आंतरिक सुंदरता क्या होती है।
योगी डॉक्टर अमृतराज मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर के अलावा पूर्व राष्ट्रपति श्रीमति प्रतिभा पाटिल के भी योग गुरू हैं। योगी अमृतराज जी आरोग्यधाम परिवार राकेश अग्रवाल और नीलम अग्रवाल के सुपुत्र हैं। आपको बता दें, अनुकृति ने ताज पहनने के बाद अपना अनुभव बताते हुए कहा था कि 'उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि वह मिस इंडिया 2018 बन चुकी हैं। काफी लंबे समय से वह इसका सपना देख रही थीं। वह इस बेहतरीन समय को जीना चाहती थीं। उन्होंने हर दिन इस ताज को छूने की चाह रखी थी और अब ये उनका हो चुका है।'