नरगिस अपने जमाने की सबसे मशहूर अदाकारा थीं। उनके साथ फिल्म करने के लिए अच्छे-अच्छे सितारों की लाइन लगती थी। 'मदर इंडिया' में निभाया गया उनका किरदार आज भी लोगों को याद है। उनकी एक और फिल्म 'रात और दिन' के लिए तो उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला था। लेकिन क्या आपको मालूम है कि इस फिल्म के सेट पर कुछ ऐसा हुआ कि नरगिस शर्म से पानी-पानी हो गई थीं।
'रात और दिन' फिल्म की शूटिंग 1960 में शुरू हुई थी लेकिन कुछ कारणों के चलते फिल्म की शूटिंग रुक गई। इसके चलते सेट पर मौजूद सभी चीजों को संभाल कर रखा गया ताकि जब शूटिंग शुरू हो तो उनका इस्तेमाल हो सके।
1966 में फिल्म की शूटिंग दोबारा शुरू हुई। नरगिस और प्रदीप कुमार फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे थे। फिल्म नरगिस के भाई अख्तर हुसैन बना रहे थे। महबूब स्टूडियो में फिल्म की शूटिंग चल रही थी। नरगिस को तेज बारिश में मंदिर का दरवाजा खटखाने का सीन शूट करना था। बारिश सीन का अहम हिस्सा था और बार-बार शूट के कारण नरगिस के कपड़े पूरी तरह से भीग गए थे।
नरगिस तीन बार इस सीन का रिटेक दे चुकी थीं। जब वो फिर सीन शूट करने के लिए गईं तो अचानक उनका पैर फिसल गया और वो दरवाजे से जा टकराईं। नरगिस की फ्रॉक जो पूरी तरह से भीगी हुई थी वो दरवाजे से लग कर फट गई। वो तुरंत दीवार से जा सटीं ताकि कोई उन्हें देख ना ले। सेट पर मौजूद लोगों को भी समझ नहीं आया कि क्या किया जाए। स्पॉटब्वॉय ने जाकर तुरंत नरगिस को तौलिया थमाया और फिर नरगिस बाहर आईं।
नरगिस की फ्रॉक के पीछे का किस्सा भी बड़ा दिलचस्प है। दरअसल फिल्म की शूटिंग 5 सालों तक रुकी रही। ऐसे में पहने गए कपड़े काफी पुराने हो गए थे लेकिन फिल्म की कंटीन्यूटी के लिए पहना जाना भी जरूरी था। नरगिस वो फ्रॉक पहन कर सुबह से बारिश में शूट किए जा रही थीं। इसकी वजह से उन्हें जुकाम भी हो गया था लेकिन उन्होंने शूटिंग पूरी की। डायरेक्टर ने उन्हें घर जाने के लिए भी बोला लेकिन नरगिस ने ये कह कर इनकार कर दिया था कि फ्रॉक ज्यादा टिक नहीं पाएगी।