{"_id":"5bdaac93bdec22699b149719","slug":"thugs-of-hindostan-controversial-case-before-the-arrival-of-the-trailer","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"रिलीज होने से पहले ही विवादों में घिरी 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तां', कोर्ट पहुंचा मामला","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
रिलीज होने से पहले ही विवादों में घिरी 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तां', कोर्ट पहुंचा मामला
entertainment desk
Updated Thu, 01 Nov 2018 01:43 PM IST
विज्ञापन
aamir khan
बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान अपनी बेहतरीन एक्टिंग और दमदार अभिनय के लिए जाने जाते हैं। ऐसा देखा गया है कि आमिर खान अवॉर्ड शो और चर्चाओं से दूरियां बनाए रखते हैं, लेकिन कई बार अपने बयानों को लेकर आमिर जनता के निशाने पर भी आ जाते हैं। बता दें कि आमिर की अपकमिंग फिल्म ठग्स ऑफ हिंदोस्तां विवादों के घेरे में फंस गई है।
Trending Videos
Film Thugs Of Hindustan
फिल्म अभिनेता आमिर खान समेत फिल्म के निर्माता, निर्देशक के खिलाफ जाति विशेष को अपमानित करने और उनकी धार्मिक भावनाओं के ठेस पहुंचाने के मामले में परिवाद दायर किया गया है। यूपी के जौनपुर एसएजीएम पंचम कोर्ट फिल्म में जाति विशेष को अपमानित करने एवं भावनाओं को ठेस पहुंचाने का परिवाद दर्ज हुआ है।बता दें कि फिल्म के टाइटल में मल्लाह से पहले फिरंगी शब्द का इस्तेमाल किया गया है। मामले को लेकर निषाद समाज के लोगों ने भी जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा था।
thugs of hindostan
अधिवक्ता हंसराज चौधरी ने ठग्स ऑफ हिंदोस्तां फिल्म के निर्माता आदित्य चोपड़ा, निर्देशक विजय कृष्णा, अभिनेता आमिर खान के खिलाफ परिवाद दायर किया है। इससे पहले भी जाति विशेष के लोगों ने फिल्म के ट्रेलर में इस्तेमाल किए गए शब्दों पर आपत्ति जताई थी। अदालत में परिवाद दायर करने वाले अधिवक्ता हंसराज चौधरी को गवाही के लिए १२ नवंबर को तलब किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
thugs of hindostan
परिवाद में कहा गया है कि फिल्म की कहानी केवल कानपुर के जिले की है। वहीं फिल्म का नाम ठग्स ऑफ हिंदोस्तां रखना फिल्मकारों की दुर्भावना को दर्शाता है। फिल्म में आमिर खान को फिरंगी मल्लाह से संबोधित किया गया है। फिल्म में पूरे निषाद समाज को ठग और फिरंगी की संज्ञा दी गई है। फिल्म कलाकार जानते हैं कि विरोध से फिल्म ज्यादा चलेगी।
विज्ञापन
thugs of hindostan
परिवाद के अधिवक्ता हिमांशु और ब्रजेश का कहना है कि फिल्म की लोकप्रियता बढ़ाने और मुनाफा कमाने के लिए फिल्म में ऐसा नाम रखा गया है और जाति विशेष को फिल्म में अपमानित किया गया है। फिल्म में साल 1795 से जुड़ी घटनाएं दिखाई गई हैं। जब एक समूह ब्रिटिश हुकुमत से भारत को स्वतंत्र कराने के लिए लड़ रहा है।amir khan