ऑस्कर विजेता संगीतकार ए आर रहमान के संगीत निर्देशन में हर गायक काम करना चाहता है, लेकिन हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज गायक सुरेश वाडकर को ए आर रहमान के काम करने का तरीका पसंद नहीं है। इसीलिए फिल्म 'रंगीला' के गीत गाने के बाद दोबारा सुरेश वाडकर ने ए आर रहमान के साथ काम नहीं किया। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुरेश वाडेकर ने इस बात का खुलासा किया किया कि उन्हें ए आर रहमान के काम करने का तरीका उन्हें पसंद नहीं है।
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ए आर रहमान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
संगीतकार ए आर रहमान की फिल्म 'रोजा' कई भाषाओं में डब हुई थी। मराठी वर्जन के सभी गाने सुरेश वाडेकर ने गाए थे। 'रोजा' के हिट होने के बाद सुरेश वाडकर को ए आर रहमान के बारे में पता चला। लेकिन पहली बार जब सुरेश वाडकर मद्रास (चेन्नई) में रिकॉर्डिंग के दौरान ए आर रहमान से मिले तो उन्हें देखकर चौक गए। सुरेश वाडेकर कहते हैं, 'सालों पहले जब मैं ए आर रहमान से मिला था, तब उन्हें दिलीप के नाम से जानता था। 'रोजा' के गाने हिट हुए तो मुझे पता था कि ए आर रहमान नाम का कोई नया संगीतकार हैं, लेकिन मुझे नहीं पता था कि दिलीप ही ए आर रहमान है।'
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सुरेश वाडेकर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
संगीतकार ए आर रहमान की फिल्म 'रंगीला' में सुरेश वाडेकर ने 'प्यार जाने ये कैसा है,क्या कहे ये कुछ ऐसा है' कविता कृष्णमूर्ति के साथ गाया था। सुरेश वाडेकर कहते हैं, 'एक दिन मद्रास (चेन्नई) से फोन आया कि ए आर रहमान की फिल्म में गाना है। मैं ए आर रहमान का नाम सुन चुका था क्योंकि उनकी फिल्म 'रोजा' हिट हुई थी। वहां जाने के बाद पता चला कि उनकी दिनचर्या बहुत अलग है। वह दोपहर को सोकर उठते है और दो बजे से देर रात तीन चार बजे तक काम करते हैं।'
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ए आर रहमान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
गायक सुरेश वाडेकर कहते हैं, 'जब ए आर रहमान आए तो उन्हें देखकर मैं अचंभित होकर चिल्लाकर कर कहा अरे, दिलीप तुम? मुझे गीतकार महबूब ने बताया कि यही रहमान साहब है। तब मुझे पता चला कि दिलीप ने इस्लाम कबूल कर लिया है। मेरे लिए यह शॉकिंग बात थी की दिलीप ही रहमान है। उन्होंने मुझे 'प्यार जाने ये कैसा है,क्या कहे ये कुछ' की धुन सुनाई। मुझे बहुत अच्छा लगा और बहुत खुश हुआ। इसके बाद उन्होंने मुझे एक और गाने के लिए बुलाया, लेकिन उनके काम करने का तरीका मुझे पसंद नहीं आया।'
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सुरेश वाडेकर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
राजश्री के चैनल राजश्री अनप्लग्ड को दिए इंटरव्यू में सुरेश वाडेकर कहते हैं, 'जब ए आर रहमान ने दूसरी बार गाने के लिए बुलाया तो उस गाने की रिकॉर्डिंग उनके असिस्टेंट ने कराई। गाने रिकॉर्ड करके जब मैं और साधना सरगम होटल जा चुके तब ए आर रहमान रिकॉर्डिंग स्टूडियो में आए और गाने में थोड़ा बहुत बदलाव चाह रहे थे। इस बात को लेकर हमारे और उनके बीच बहस हो गई। उनको गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान खुद रहना चाहिए। खैर, उस घटना के बाद ना तो उन्होंने मुझे बुलाया और ना ही फिर कभी मैने ए आर रहमान के लिए गाया। वह बहुत ही टैलेंटेड हैं, अच्छा काम करते हैं, हमें उन पर बहुत गर्व है। पहली बार उनकी वजह से हिंदुस्तान को ऑस्कर मिला है, इसलिए उनका अभिनंदन करता हूं। लेकिन उनके काम करने का तरीका मुझे पसंद नहीं है।'
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