संजय दत्त 25 फरवरी को अपनी सजा पूरी करने के बाद जेल से रिहा हुए हैं। अभी तक जेल में आई दिक्कतों पर संजय दत्त ने चुप्पी साध रखी थी। पहली बार उन्होंने कैद के दौरान की परेशानियों पर अपने दिल की बात जाहिर की है।
'जेल में जानवरों से भी बुरा खाना दिया जाता था'
संजय दत्त का कहना है कि जेल में समय गुजारना कोई आसान काम नहीं होता है। सबसे ज्यादा दिक्कत तब होती है जब आपके शरीर के साथ दिमाग को भी गुलाम बनाने की कोशिश की जाती है। संजय दत्त ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में ये बाते कहीं। संजय दत्त ने जेल में मिलने वाले खाने को लेकर काफी कुछ कहा।
'जेल में जानवरों से भी बुरा खाना दिया जाता था'
संजय दत्त ने कहा कि जेल में सबसे ज्यादा बुरी चीज अगर उन्हे कोई लगी तो वो है खाना। संजय का कहना है कि जेल में जो खाना मिलता था वो कुल मिलाकर इतना खराब होता था कि उसे खाया नहीं जा सकता।
'जेल में जानवरों से भी बुरा खाना दिया जाता था'
1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों के बाद आर्म्स एक्ट के तहत 5 साल की सजा पाने वाले संजय दत्त ने इस बात को सिरे से नकार दिया कि अभिनेता होने के कारण उनके जेल में कोई वीआईपी सुविधा मिला। संजय के अनुसार वो किसी भी साधारण कैदी की तरह ही जेल में रहे।
'जेल में जानवरों से भी बुरा खाना दिया जाता था'
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संजय दत्त
- फोटो : gettyimages
संजय दत्त ने कहा कि जेल में उन्होंने पैपर बैग बनाने का काम किया। जिस तरह दूसरे सब कैदी जेल के कपड़े पहनते थे वो पहने और जिस तरह सब सोते थे उसी तरह सोए। संजय दत्त ने कहा कि वो भी कुछ रुपयों के लिए दिनभर काम करते थे।