ऋषि कपूर जन्मजात अभिनेता थे। कहा जाता है कि अभी उन्होंने चलना शुरू ही किया था कि वो आइने के सामने जाकर तरह तरह की शक्लें बनाया करते थे। कपूर खानदान की महफिलों में ये कहानी अक्सर सुनाई जाती है कि उन्हीं दिनों एक शाम राज कपूर ने अपने बेटे को अपनी व्हिस्की के गिलास से एक सिप शराब पिलाई और ऋषि ने शीशे के सामने जाकर एक शराबी का अभिनय करना शुरू कर दिया था। ऋषि के अभिनय की शुरुआत उनके बचपने से ही हो गई थी। उनके दादा के नाटक 'पठान' में खटिया पर जो बच्चा सोया हुआ दिखाई देता था वो और कोई नहीं ऋषि कपूर थे।
2 of 6
Rishi Kapoor and Dimple Kapadia in film Bobby
- फोटो : Social Media
जब वो मुंबई के कैम्पियन स्कूल में पढ़ रहे थे, उनके पिता राज कपूर ने अपनी आत्मकथात्मक फिल्म मेरा नाम जोकर में उन्हें अपने बचपन का रोल दिया। जब ऋषि शूटिंग के लिए स्कूल नहीं जाते थे तो उनके अध्यापकों को ये बात बहुत अखरती। नतीजा ये हुआ कि उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया और राज कपूर को अपने बेटे को दोबारा स्कूल में दाखिल कराने के लिए एड़ी चोटी को जोर लगाना पड़ा। वैसे कपूर खानदान में इस तरह स्कूल छुड़वाकर अभिनय करवाने की पुरानी परंपरा रही है। राज कपूर के भाई शम्मी कपूर ने भी अपनी पढ़ाई छोड़ कर शकुंतला फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी थी।
3 of 6
rishi kapoor
- फोटो : अमर उजाला
इस फिल्म के लिए ऋषि कपूर को सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। बाद में उन्होंने अपनी आत्मकथा खुल्लम खुल्ला में लिखा था, "जब मैं मुंबई लौटा तो मेरे पिता ने उस पुरस्कार के साथ मुझे अपने दादा पृथ्वीराज कपूर के पास भेजा। मेरे दादा ने वो मेडल अपने हाथ में लिया और उनकी आँखें भर आईं। उन्होंने मेरे माथे को चूमा और भरी हुई आवाज में कहा, 'राज ने मेरा कर्जा उतार दिया।''
4 of 6
Rishi Kapoor
- फोटो : Social Media
70 और 80 के दशक से ही चिंटू की इमेज जर्सी पहने, गाना गुनगुनाते, एक हाथ में गिटार और दूसरे हाथ में एक हसीन लड़की लिए कासानोवा की बन गई थी। अपने अभिनय करियर के आखिरी चरण में कहीं जा कर उन्होंने इस इमेज से छुटकारा पाया था और वो अलग-अलग तरह के कई किरदारों में दिखाई पड़े थे। हम-तुम (2004 ) का रूठा हुआ पति हो या फिर स्टूडेंड ऑफ द इयर (2012) का चंचल अध्यापक हो या फिर डी-डे (2013 ) का डॉन या अग्निपथ (2012) का दलाल या फिर कपूर एंड संस (2016) का 90 साल का शरारती बूढ़ा हो, ऋषि कपूर ने विविधता के नए आयाम कायम किए थे।
5 of 6
Rishi Kapoor and Neetu Kapoor
- फोटो : file photo
मुल्क फिल्म में उनके एक नेशनलिस्ट मुस्लिम के रोल ने पूरे भारत को हिलाकर रख दिया था। राज कपूर की फिल्म बॉबी में ऋषि को पहली बार राष्ट्रीय पहचान मिली थी। राज कपूर ने इस फिल्म में अपने बेटे को एक ऐसी इमेज में ढाला जिसने कम से कम अगले दो दशकों तक उनका साथ नहीं छोड़ा। राज कपूर की खासियत थी कि वो बदलते हुए वक़्त की माँग को पहचानते थे। बॉबी में उन्होंने ऋषि कपूर को ओवरसाइज्ड सनग्लासेज पहनाए। उनके स्कूटर का हैंडल कुछ ज्यादा ही लंबा था और उसके दोनों तरफ साइड मिरर लगे हुए थे जिसमें उनके बेटे का चेहरा दिखाई दे रहा होता था।वो स्कूटर भारत के बदलते हुए मूल्यों की नुमाइंदगी करता था और ताजगी, ऊर्जा और आधुनिकता का प्रतीक था।