जब बॉलीवुड अपनी चौखट लांघ आधुनिकता के उजाले पर ताख रहा था तो उस पार एक खुले ख्यालों वाली खूबसूरत लड़की उसका इंतजार कर रही थी। दशक वो भले 70 का हो लेकिन उसकी चाहत आज के जमाने की महिलाओं की तरह थी। उसके चर्चे तो दुनिया में होने लगे थे। 1976 में प्रतिष्ठित मैग्जीन टाइम ने उसे अपने कवर पर छापा था। उनका नाम था परवीन बाबी। आज उनकी पुण्यतिथि पर ये विशेष...
4 अप्रैल, 1949 को सौराष्ट्र के जूनागढ़ के एक मिडिल क्लास मुस्लिम परिवार में जन्मीं परवीन बाबी ने अहमदाबाद के सेंट जेवियर्स कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में बीए किया था। वो उन दिनों मॉडलिंग करती थीं। बीआर इशारा उन दिनों एक नई अभिनेत्री की तलाश में थे। एक दिन उनकी नजर परवीन बाबी पर पड़ी थी जो उस वक्त सिगरेट का कश लगा रहीं थीं। इशारा ने क्रिकेटर सलीम दुर्रानी के साथ 1973 में फिल्म 'चरित्र' में अभिनेत्री को मौका दिया। फिल्म तो फ्लॉप हुई, लेकिन परवीन बाबी का जादू चल निकला।
परवीन बाबी को पहली कामयाबी अमिताभ बच्चन की फिल्म 'मजबूर' से मिली। 15 साल के करियर में उन्होंने लगभग 50 फिल्मों में काम किया। इसमें 12 फिल्में उन्होंने अमिताभ के साथ कीं। अपने दौर में परवीन बाबी सबसे महंगी अभिनेत्री थीं। उस दौर में परवीन बाबी ने उस सफलता का स्वाद चखा जो जिससे उस वक्त बॉलीवुड की हर अभिनेत्री महरूम थी।
परवीन बाबी तीन लोगों के साथ रिश्ते में रहीं। महेश भट्ट, कबीर बेदी और डैनी। महेश भट्ट अपनी पत्नी और बेटी पूजा भट्ट को छोड़कर परवीन बाबी के साथ रहने लगे थे। ये वो दौर था जब परवीन चोटी की स्टार थीं और महेश भट्ट एक फ्लॉप फिल्ममेकर। इसी रिश्ते के साथ परवीन को एक मानसिक बीमारी ने घेर लिया जिसे महेश भट्ट ने अपने कई इंटरव्यू में पैरानायड स्कित्जोफ्रेनिया बताया।
बीमारी ने परवीन को ऐसा गिरफ्त में लिया कि वो इससे कभी निकल नहीं पाईं। उन्होंने अमिताभ बच्चन सहित तमाम बड़ी हस्तियों पर उनकी हत्या का शक जताते हुए केस दर्ज करवाया था। एक दिन महेश भट्ट के पीछे वो बिना कपड़ों के भागने लगीं थीं।