भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर 89 साल की हो गई हैं। अपनी जादुई आवाज में लता मंगेशकर ने 30 हजार से ज्यादा गानों को अपनी आवाज दी है। लता मंगेशकर ने करीब 7 दशकों तक हिंदी गानों की दुनिया पर राज किया। 28 सितंबर 1929 को इंदौर में जन्मीं लता मंगेशकर के जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।
लता मंगेशकर के पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर खुद एक बड़े क्लासिकल सिंगर और थियेटर आर्टिस्ट थे। लता मंगेशकर तीन बहनों मीना मंगेशकर, आशा भोसले, उषा मंगेशकर और एक भाई ह्रदयनाथ मंगेशकर में सबसे बड़ी थीं। उनके बचपन का नाम हेमा था लेकिन एक दिन थियेटर कैरेक्टर 'लतिका' के नाम पर उनका नाम लता रखा गया। लता मंगेशकर ने 5 साल की उम्र से ही अपने पिता से संगीत की शिक्षा लेनी शुरू कर दी थी।
कम ही लोगों को पता है कि लता मंगेशकर को जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी। जी हां, साल 1962 में जब लता मंगेशकर 33 साल की थीं तो उन्हें स्लो प्वॉइजन दिया गया था। लेखिका पद्मा सचदेव ने अपनी किताब 'ऐसा कहां से लाऊं' में इस बात का खुलासा किया है।
पद्मा सचदेव ने लिखा कि 'लता जी जब 33 साल की थीं तो उन्होंने मुझे ये बात बताई थी। एक दिन सुबह उनके पेट में तेज दर्द होने लगा। थोड़ी देर में उन्हें दो-तीन बार उल्टियां हुईं। जिसमें हरे रंग की कोई चीज थी। उन्होंने बताया कि वो बिल्कुल चलने की हालत में नहीं हैं। उनके पूरे शरीर में तेज दर्ज होने लगा।'
'लता मंगेशकर के डॉक्टर अपनी एक्सरे मशीन के साथ उन्हें चेक करने के लिए आए और उन्हें इंजेक्शन दिया जिससे नींद आ जाए। दर्द की वजह से वो सो भी नहीं पा रही थीं। अगले तीन दिनों तक ऐसा था कि वो मौत के बेहद करीब थीं। आखिरकार करीब 10 दिन बाद वो ठीक हो पाईं। उनके डॉक्टर ने बताया कि उन्हें स्लो प्वॉइजन दिया गया था।'