80 के दशक में लवर ब्वॉय के नाम से मशहूर हुए कुमार गौरव का जन्म 11 जुलाई 1960 को लखनऊ में हुआ था। उनका असली नाम मनोज तुली था। कुमार गौरव के पिता राजेंद्र कुमार 60 और 70 के दशक के मशहूर एक्टर रह चुके हैं। राजेंद्र कुमार की मौत 1999 में कैंसर से हुई थी।
कुमार गौरव ने 1981 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'लव स्टोरी' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। पहली फिल्म के सुपरहिट होते ही कुमार गौरव रातों रात स्टार बन गए थे लेकिन कहा जाता है ना कि सक्सेस पाना तो आसान है लेकिन उस सक्सेस को बरकरार रख पाना उतना ही मुश्किल है। ऐसा ही कुछ हुआ कुमार गौरव के साथ। सफलता के नशे में चूर कुमार गौरव ने नई एक्ट्रेसेस के साथ काम करने से मना कर दिया था।
पहली फिल्म के बाद प्रोड्यूसर दिनेश बंसल ने अपनी फिल्म 'शिरीन फरहाद' के लिए एक नई एक्ट्रेस यास्मीन को साइन किया। जब कुमार गौरव को ये बात पता चली तो उन्होंने किसी नई एक्ट्रेस के साथ काम करने से मना कर दिया हालांकि दिनेश बंसल ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की लेकिन कुमार गौरव ने साफ इनकार कर दिया।
करीब 4 साल बाद राज कपूर ने फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' के लिए एक्ट्रेस के लिए ऑडीशन शुरू किया। राजकपूर ने यास्मीन को सेलेक्ट कर लिया और फिल्म रिलीज के वक्त यास्मीन 'मंदाकिनी' बन गईं। फिल्म हिट हो गई और मंदाकिनी स्टार बन गईं। एक वक्त ऐसा भी आया जब कुमार गौरव के अपोजिट कोई भी नामी एक्ट्रेस काम करने को तैयार नहीं होती थीं।
उस दौर में कुमार गौरव ने एक फिल्म के लिए प्रोड्यूसर को मंदाकिनी का नाम सुझाया लेकिन जब प्रोड्यूसर ने मंदाकिनी से बात की तो उन्होंने कुमार गौरव संग काम करने से मना कर दिया। फिल्म के हिट होते ही मंदाकिनी को कई बड़ी फिल्में मिलने लगीं ऐसे में जब कुमार गौरव के साथ फिल्म करने का ऑफर आया तो उन्होंने फिल्म रिजेक्ट कर अपना बदला पूरा किया।