भारतीय सिनेमा में कॉमेडी को एक अलग लेवल पर ले जाने वाले महमूद की आज 13वीं पुण्यतिथि है। महमूद अली को किंग ऑफ कॉमेडी का खिताब मिला था। 29 सितंबर 1932 को जन्मे महमूद ने करीब 300 हिंदी फिल्मों में काम किया। महमूद ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत फिल्म 'सीआईडी' से की थी।
फिल्मों में आने से पहले महमूद मीना कुमार के टेनिस कोच थे। साथ ही डायरेक्टर पीएल संतोषी के ड्राइवर भी रहे। बाद में महमूद ने मीना कुमारी की बड़ी बहन मधु से शादी कर ली थी। मधु से तलाक के बाद महमूद का अफेयर अरुणा इरानी से हुआ। लेकिन दोनों में से किसी ने अपने रिश्ते की बात नहीं कबूली।
महमूद एक ऐसे एक्टर थे जिनके डायलॉग पूरे होने के बाद सेट पर जमकर तालियां बजा करती थीं। उस जमाने में महमूद अकेले ऐसे हास्य कलाकार थे, जिनकी तस्वीर फिल्मी पोस्टर में हीरो के साथ रहा करती थी। फिल्म में कितना भी बड़ा हीरो क्यों न हो, दर्शक सिनेमाघरों में महमूद को देखने जाया करते थे।
महमूद को कभी किसी ने रिहर्सल करते नहीं देखा। कई बड़े हीरो तो उनके आगे टिक भी नहीं पाते थे। इतना ही नहीं उनकी पर्सनेलिटी ऐसी थी कि वो जब भी सेट पर खड़े हो जाते, हीरो अपनी शर्ट के बटन बंद कर लिया करते थे। उस वक्त महमूद को हीरो से ज्यादा पैसे मिला करते थे। इस वजह से कई हीरो उनसे चिढ़ते थे।
महमूद की सबसे यादगार फिल्म 'कुंवारा बाप' है। ये महमूद की असल जिंदगी पर आधारित थी। उनका बेटा मकदूम अली, जिन्हें सब प्यार से मिक्की अली बोलते थे। वो पोलियो के शिकार हो गए। महमूद ने उनके इलाज के लिए क्या कुछ नहीं किया। उन्हें विदेश ले गए काफी पैसा खर्च किया, लेकिन फिर भी वो ठीक नहीं हो पाए तो उन्होंने अपना दुःख अपनी इस फिल्म में दिखाया।