जोधपुर सेशन कोर्ट ने 20 साल पुराने केस में बॉलीवुड एक्टर सलमान खान को साल 5 साल की सजा सुनाई है। आमतौर पर ऐसे बड़े सेलिब्रिटीज का मामला सजा तक नहीं पहुंचता लेकिन सलमान को जेल भेजने तक कई लोगों ने अहम रोल निभाया।
पुलिस ने जहां केस की चार्जशीट में हर बारीक चीज को कवर किया और कोई पेंच नहीं छोड़ा। वहीं मामले के मुख्य गवाह पूनमचंद आखिर तक डटे रहे। इन सबके बीच सरकारी पक्ष के वकीलों ने भी कोर्ट में सलमान खान के वकीलों के हर दांव को फेल कर दिया।
काला हिरण शिकार मामले में सबसे अहम रोल निभाया सरकारी वकील भवानी सिंह भाटी ने। सेलिब्रिटीज से जुड़े मामलों में मीडिया का काफी ध्यान होता है और दबाव भी काफी पड़ता है लेकिन भवानी सिंह ने सबूतों और गवाहों को बेहतर तरीके से कोर्ट में रखा जिसका नतीजा यह रहा कि सलमान को 5 साल की सजा हुई।
न्यूज 18 वेबसाइट के मुताबिक, भवानी सिंह ने कहा कि 'सरकार ने इस मामले में पूरा सहयोग दिया। बचाव पक्ष में सेलिब्रिटी थे। उनके पास काफी रिसोर्स होते थे। मुंबई, पुणे से उनके लिए बड़े-बड़े वकील आए। वहीं प्रॉसिक्यूशन के वकील स्थानीय थे। कई बार वह बदल भी जाते हैं। जिसके बाद नए वकील को शुरू से पूरा केस पढ़ना और समझना होता है। इसमें काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है।'
भवानी सिंह भाटी के केस से जुड़ने के बाद तेजी से इस पर सुनवाई हुई। भाटी के पास 3 साल पहले 2015 में यह केस आया जिसके बाद सलमान को कई बार जोधपुर कोर्ट में आना पड़ा हालांकि इससे पहले वह ऐसा करने से बचते थे। भाटी ने बताया कि 'मामला काफी लंबे समय से कोर्ट में विचाराधीन था और मीडिया में इसकी काफी हाइप रही लेकिन प्रॉसिक्यूशन ने इससे प्रभावित हुए बिना अपना काम किया।'