जिस तरह मयूर राज वर्मा अमिताभ बच्चन के बचपन का किरदार निभाने के लिए हर निर्माता-निर्देशक की पहली पसंद हुआ करते थे उसी तरह एक और ऐसा एक्टर रहा जिसे अमिताभ की साइडकिक यानी पक्के दोस्त के तौर पर फिल्मों में साइन किया जाता था। ये हैं एक्टर राम सेठी।
नाम सुनकर भले ही आपको वो एक्टर याद ना आए लेकिन चेहरा देख आपको जरूर वो हंसमुख चेहरा याद आ जाएगा जिसने ना जाने कितनी ही फिल्मों में अमिताभ के यार का रोल निभाया। फिर चाहे वो 'याराना' हो, 'नमक हलाल' हो, 'कालिया' हो, 'लावारिस' या फिर 'मुकद्दर का सिकंदर'...हर किरदार को राम सेठी ने यादगार बना दिया।
राम सेठी वैसे तो कई सालों से फिल्मों में काम कर रहे थे लेकिन फिल्म 'मुकद्दर का सिकंदर' ने उनके करियर की दिशा ही मोड़ दी। इस फिल्म में प्यारेलाल का निभाया किरदार इस कदर मशहूर हुआ कि राम सेठी जहां भी जाते लोग उन्हें प्यारेलाल, प्यारेलाल कहकर पुकारते। इस किरदार के बाद सफलता और फिल्मों के मिलने का कारवां जो शुरू हुआ वो चलता ही गया और राम सेठी दिनोंदिन स्टारडम की सीढ़ियां चढ़ने लगे।
'मुकद्दर का सिकंदर' प्रकाश मेहरा ने डायरेक्ट की थी और इस फिल्म के बाद अमिताभ और राम सेठी की जोड़ी उनकी पसंदीदा जोड़ी बन गई। अब तो प्रकाश मेहरा अपनी हर फिल्म में राम सेठी को भी लेने लगे। यही वजह रही कि उनकी अमिताभ स्टारर फिल्मों में राम सेठी भी नजर आते हैं।
राम सेठी के करियर में सब सही चल रहा था लेकिन रुकावट तब आई जब उन्हें काम मिलना बंद हो गया। उस वक्त राम सेठी की उम्र 53 साल की थी और उनके ऊपर अपने परिवार की जिम्मदारियां थीं, लेकिन काम नाम होने की वजह से वो टूट कर बिखर गए। नौबत यहां तक आ गई थी कि उनके पास खाना खाने तक के भी पैसे नहीं थे। इसका जिक्र राम सेठी ने एक इंटरव्यू में किया था, जिसमें उन्होंने ये भी खुलासा किया कि आर्थिक तंगी की वजह से वो फुटपाथ पर ही आ गए थे और निर्देशक प्रकाश मेहरा उनकी मदद करते थे।