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40 से ज्यादा कंपनियों के रिजेक्शन ने एक इंजीनियर को बनाया सफल स्टार्टअप का मालिक

Wed, 15 Nov 2017 08:30 AM IST
amarujala.com- Presented by: अपूर्वा राय
amarujala.com- Presented by: अपूर्वा राय Updated Wed, 15 Nov 2017 08:30 AM IST
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Success story of Padhega India Initiative owner Sushant jha
जिंदगी में अगर कुछ बड़ा हासिल करना हो तो छोटे-छोटे जोखिम उठाने ही पड़ते है। आज की कहानी इंजीनियरिंग की पढाई करने वाले सुशांत झा की है। जिनका सपना था मैकेनिकल इंजीनियरिंग में करियर बनाने का लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था।


पढ़ें- 3 रुपये रोजाना कमाने वाले नारायण मजूमदार आखिर कैसे बने 255 करोड़ की कंपनी के मालिक
Success story of Padhega India Initiative owner Sushant jha
sushant

प्लेसमेंट के दौरान जब लगातार 40 कंपनियों ने सुशांत को रिजेक्ट कर दिया उसके बाद वो बहुत निराश हुए। लेकिन सुशांत को खुद पर भरोसा था और उन्होंने 2014 में ‘बोधि ट्री नॉलेज सर्विसेज एंड इनिशिएटिव पढ़ेगा इंडिया इनिशिएटिव’ नाम से अपनी कम्पनी खोल ली। सुशांत की कंपनी आज सेकेण्ड हैण्ड किताबें ऐसे लोगों तक पहुंचा रही है जो महंगी किताबें नहीं खरीद सकते।

Success story of Padhega India Initiative owner Sushant jha
सुशांत उन छात्रों में से थे जिन्हें अच्छा स्कोर करने के बाद भी प्लेसमेंट नहीं मिली थी और इसके पीछे की वजह थी सुशांत का ठीक से न बोल पाना। क्योंकि उनका होंठ कटा हुआ था। इसलिए उन्हें हमेशा रिजेक्शन ही मिला। कई बिजनेस स्कूलों के इंटरव्यू में उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया।
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Success story of Padhega India Initiative owner Sushant jha

इसके बाद सुशांत ने खुद का बिजनेस शुरू करने का सोचा। जिसका मकसद महज पैसे कमाना नहीं बल्कि समाज में लोगों को शिक्षित करना भी था। सुशांत ये जानते थे कि लोग परीक्षा के लिए महंगी किताबें खरीदते थे और बाद में उन्हें कबाड़ी को सस्ते दामों में बेच देते थे। ऐसे में उन्होंने एक ऐसी कंपनी शुरू की जहां कोई भी अपनी पुरानी किताबें प्रयोग न होने पर बेच या डोनेट कर सकता था।

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Success story of Padhega India Initiative owner Sushant jha
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सुशांत का ये आइडिया सफल हुआ अपने भाई के साथ मिलकर जो काम उन्होंने दो कमरों के घर से शुरू किया था आज वो साउथ दिल्ली के बेहतरीन ऑफिस में पहुंच गयी है, कंपनी उन्हें जीरो इन्वेस्टमेंट से अच्छा रिटर्न दे रही है। सुशांत मानते हैं कि जो होता है अच्छे के लिए होता है। 

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