खुशी की तलाश में इस लड़की ने ड्रग्स को अपना दोस्त बना लिया था। धीरे-धीरे ड्रग्स लेने की आदत बढ़ती गई। नौकरी जा चुकी थी, बीमारी घर कर रही थी। ड्रग्स के सेवन से दिमाग ने भी साथ देना बंद कर दिया। उस स्थिति से खुद को बाहर निकालना नीलपर्णा के लिए आसान नहीं था।
कभी ड्रग्स के चंगुल में फंसी, आज दूसरों के लिए मिसाल बन गई है ये बॉडीबिल्डर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 15 Sep 2016 10:46 AM IST
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