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कभी खाने को पैसे न थे, आज लंदन में करोड़पति हैं ये दो लड़के
Tue, 24 Oct 2017 08:54 AM IST
amarujala.com- Written by : अपूर्वा राय
amarujala.com- Written by : अपूर्वा राय
Updated Tue, 24 Oct 2017 08:54 AM IST
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कई बार जिंदगी में ऐसा वक्त भी आ जाता है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होती लेकिन अगर आप में हुनर और काम करने का जज्बा हो तो दिन बदलते देर नहीं लगती। सुबोध जोशी और सुजय सोहानी की कहानी इसी का उदाहरण है।
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मुंबई के रहने वाले सुजय सोहानी उस वक्त लंदन के एक फाइव स्टार होल में फूड एंड बेवरेज मैनेजर थे। 2009 में मंदी की वजह से उनकी नौकरी चली गई। उनके पास न तो कोई दूसरी नौकरी थी और न ही पैसे। ऐसे में उन्होंने अपने दोस्त सुबोध जोशी से अपनी हालत बयान करते हुए कहा था कि उनके पास वड़ा पाव खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं। वड़ा पाव से उन्हें लंदन में वड़ा पाव बेचने का आइडिया मिला।
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सुजय को एक दमदार आईडिया आया। उन्होंने सोचा कि क्यों ना लंदन की सड़कों पर वड़ा पाव बेचा जाए? आईडिया तो आ गया पर इसे लागू कर पाना आसान नहीं था। दोनों दोस्तों ने अपने इस आईडिया पर विचार किया और लंदन में ऐसी जगहें ढूंढी जहां पर वे अपना स्टॉल लगा सकते थे।
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पहले महीने में इनको फायदा नहीं हुआ। इससे ये लोग निराश हो गए, लेकिन कुछ दोस्तों ने हौसला बढाया तो काम आगे चला। शुरुआत में लन्दन की सडकों पर पहले सुजय और सुबोध ने लोगों को फ्री में वडा पाव खिलाना शुरू किया।
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एक वड़ा पाव स्टॉल ने दोनों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी और उन्हें उतना मिला जिसकी उम्मीद नहीं थी। अब श्री कृष्ण वड़ा पाव स्टॉल एक रेस्टोरेंट में तब्दील हो चुका है। आज सुजय और सुबोध के रेस्टोरेंट की तीन-तीन ब्रांच हैं जिसमें 35 लोग काम करते हैं। उनके मेन्यू में अब वड़ा पाव के अलावा लगभग 60 तरह के इंडियन स्ट्रीट फूड भी शामिल हैं।
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