{"_id":"587f5c664f1c1b700df0041b","slug":"man-who-earned-4-rupees-a-month-now-feeds-the-nation-with-restaurant","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"महीने में 4 रुपये कमाकर नहीं भर पाते थे अपना पेट, अब पूरे देश में खिलाते हैं खाना","category":{"title":"Success Stories","title_hn":"सफलताएं","slug":"success-stories"}}
महीने में 4 रुपये कमाकर नहीं भर पाते थे अपना पेट, अब पूरे देश में खिलाते हैं खाना
Wed, 18 Jan 2017 05:54 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 18 Jan 2017 05:54 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
मुंबई में हर कोई 'सुख सागर' रेस्टोरेंट को जानता है। अपनी पाव-भाजी के लिए मशहूर यह जगह सिर्फ भारत में ही नहीं, विदेशों में भी लोगों की फेवरेट बनी हुई है। लेकिन 'सुख-सागर' को बनाने वाले शख्स को बहुत कम लोग ही जानते होंगे।
2 of 5
सुरेश पुजारी 10 साल की उम्र में पैसे कमाने की चाहत से मुंबई आए थे। वह एक छोटे से ढाबे में काम करते थे जहां उन्हें 4 रुपये की तनख्वाह मिलती थी। दो साल तक वहां काम करने के बाद उन्होंने एक रिश्तेदार की जूस की दुकान में काम करना शुरु किया जहां से उन्होंने बिजनेस की बारीकियां सीखीं।
3 of 5
सुरेश पुजारी दिन के 18 घंटे काम करते थे और फिर रात को स्कूल जाते थे। सुरेश पुजारी को पढ़ना पसंद था इसलिए उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने कुछ समय बाद गिरगांव चौपाटी पर एक छोटी सी पाव-भाजी की दुकान खोली। इस दुकान पर दिग्गज नेता जार्ज फर्नाडिस आया करते थे। तब वह ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष हुआ करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
उनकी पाव-भाजी की दुकान अच्छी चलने लगी। धीरे-धीरे उन्होंने अपने बिजनेस को बढ़ाना शुरू किया और भारत के कई शहरों में इसकी शाखाएं खोलीं। आज 'सुख-सागर' की भारत में 20 शाखाएं हैं और इसी नाम से आईसक्रीम पार्लर, शॉपिंग मॉल और तीन-स्टार होटल भी है। यह रेस्टोरेंट मध्य पूर्वी देश में भी है और जल्द ही अमेरिका में भी खुलने वाला है।
विज्ञापन
5 of 5
सुरेश पुजारी को मुंबई के बड़े से बड़े लोग जानते हैं। अमिताभ बच्चन से लेकर स्व. हर्षद मेहता, सभी इस रेस्टोरेंट में जरूर आए हैं। सुरेश पुजारी ने जिंदगी में कई मुश्किलें देखी हैं लेकिन इसके बावजूद अपनी मेहनत से उन्होंने वह मुकाम हासिल किया है जिसके लोग केवल सपने देखते हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X