ये पंक्तियां यूं ही नहीं लिखी गईं, बल्कि इनके पीछे बड़ा गहरा अर्थ छिपा है और इन पंक्तियों का अर्थ समझाते हैं पेटीएम के प्रमुख विजय शेखर शर्मा के हौसले।
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कभी सिर्फ चाय से गुजारा करते थे ये शख्स, दिमाग से खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी PAYTM
amarujala.com- Written by: अपूर्वा राय
Updated Wed, 01 Nov 2017 07:53 AM IST
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Vijay Shekhar Sharma
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ये पंक्तियां यूं ही नहीं लिखी गईं, बल्कि इनके पीछे बड़ा गहरा अर्थ छिपा है और इन पंक्तियों का अर्थ समझाते हैं पेटीएम के प्रमुख विजय शेखर शर्मा के हौसले।
ये पंक्तियां यूं ही नहीं लिखी गईं, बल्कि इनके पीछे बड़ा गहरा अर्थ छिपा है और इन पंक्तियों का अर्थ समझाते हैं पेटीएम के प्रमुख विजय शेखर शर्मा के हौसले।
Vijay Shekhar Sharma
आइडिया और वक्त की पहचान किस तरह किसी व्यक्ति को फर्श से अर्श पर पहुंचा सकती है, पेटीएम के प्रमुख विजय शेखर शर्मा आज इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं। आईये जानें उस विजय शेखर शर्मा के बारे में जिन्होंने अपनी कामयाबी की इबारत जोश और जूनून से लिख दी है।
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विजय शेखर शर्मा जीवन में एक दौर ऐसा भी आया था, जब उनके पास खाने के पैसे तक नहीं थे। पेटभर खाने के लिए वह बहाने बनाकर दोस्तों के पास पहुंच जाते थे और खाना खाते थे। इन सब दिक्कतों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और उनके हिम्मत न हारने का परिणाम आज हम सभी देख सकते हैं।
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Vijay Shekhar Sharma
विजय शेखर के निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी शिक्षा सरकारी हिंदी माध्यम के स्कूलों में हुई। दिल्ली के इंजीनियरिंग कॉलेज में अंग्रेजी नहीं बोल पाने की वजह से उन्हें कई बार बड़ी परेशानी हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। डिक्शनरी से हिंदी को अंग्रेजी में ट्रांसलेट करके पढ़ते थे और कुछ ही दिनों में फर्राटेदार अंग्रेजी बोलना भी सीख गए।
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विजय शेखर शर्मा
विजयशेखर शर्मा ने साल 2001 में 2 लाख रुपए लगाकर One-97 नाम की कंपनी की शुरुआत की, जो मोबाइल से जुड़ी वैल्यू ऐडेड सर्विसेस देती थी। कॉमर्स में ज्यादा अनुभव न होने के कारण कंपनी की हालत एक साल में ही खराब होने लगी।
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