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12 हजार बच्चियों की इज्जत बचा चुकी है ये औरत, सब कहते हैं 'दीदी'

Fri, 27 Jan 2017 10:17 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 27 Jan 2017 10:17 PM IST
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Anuradha Koirala Is Conferred Padma Shri For Her Contribution To Women Welfare
इस साल जिन लोगों को भारत सरकार पद्मश्री सम्मान दे रही है, उनमें से एक नाम अनुराधा कोईराला भी हैं। ये वही अनुराधा हैं, जिनके संघर्ष की कहानी सुनकर जानी-मानी हॉलीवुड अदाकारा डेमी मूरे भी अपने आंसू नहीं रोक पाईं थीं।
Anuradha Koirala Is Conferred Padma Shri For Her Contribution To Women Welfare
अनुराधा को मानव तस्करी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पद्मश्री का सम्मान दिया जा रहा है। लेकिन उनकी यह कामयाबी रातोंरात कमाई गई नहीं है, वह सालों से मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं।
Anuradha Koirala Is Conferred Padma Shri For Her Contribution To Women Welfare
1949 में बंगाल में जन्मीं अनुराधा ने अपनी जिंदगी का काफी समय नेपाल में बिताया है। वहीं उन्होंने 1993 में अपने घर में 'मैती नेपाल' की शुरुआत की थी जिसका मतलब है 'नेपाल मेरी मां'। इस एनजीओ का मकसद था मानव तस्करी का शिकार हो रही लड़कियों और बच्चियों को बचाना। अनुराधा ने अपनी जिंदगी की सारी कमाई इस एनजीओ में लगा दी थी।
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Anuradha Koirala Is Conferred Padma Shri For Her Contribution To Women Welfare
अनुराधा अब तक 12 हजार लड़कियों को सेक्स के अवैध व्यापार से बचा चुकी हैं। इसी के साथ ही उन्होंने 45 हजार से ज्यादा महिलाओं और बच्चों को भारत और नेपाल सीमा में होने वाले तस्करी से बचाया है। 'मैती नेपाल' में उन सभी औरतों को जगह मिली है जिन्हें किसी ना किसी कारण से समाज ने बेदखल कर दिया है। इन महिलाओं को यहां सिलाई-बुनाई जैसी चीजें भी करनी सिखाई जाती हैं जिससे वह आत्मनिर्भर बन सकें।
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Anuradha Koirala Is Conferred Padma Shri For Her Contribution To Women Welfare
उनके योगदान को देखते हुए दुनिया के कई देशों ने उनकी मदद की और उन्हें सम्मान दिया। अमेरिका में उन्हें 2010 में 'सीएनएन हीरो अवार्ड' और साथ में 60 लाख रुपए से ज्यादा की मदद दी गई। उन्हें German UNIFEM Prize 2007, Mother Teresa Awads, and Courage of Conscience 2006 जैसे कई सम्मान मिल चुके हैं।
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