फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

Motivation: पढ़ाई को बोझ न समझें, अपने भीतर छिपी रुचियों और प्रेरणाओं को पहचानें; बढ़ें अपने लक्ष्य तक

Wed, 01 Oct 2025 04:30 PM IST
शाहीन परवीन लिसा डामोर, द न्यूयॉर्क टाइम्स
लिसा डामोर, द न्यूयॉर्क टाइम्स Published by: शाहीन परवीन Updated Wed, 01 Oct 2025 04:30 PM IST
सार

Self-discovery: पढ़ाई को बोझ न समझें। अपने भीतर छिपी रुचियों और प्रेरणाओं को पहचानें, जो आपको चुनौतियों के बावजूद आगे बढ़ने और सफलता हासिल करने की प्रेरणा दें।

विज्ञापन
Don’t See Studies as a Burden, Discover Your Interests and Achieve Your Goals
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

Inspiration: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हुए कुछ महीने बीत चुके हैं। जिस सोच व जिन सपनों के साथ आपने शुरुआत की थी, यह समय उनके मूल्यांकन का भी हो सकता है। हालांकि, कभी-कभी आपको यह भी एहसास हो सकता है कि पढ़ाई में अब पहले जैसी बात नहीं रही। यह स्वाभाविक भी है, क्योंकि कभी ऑनलाइन, कभी ऑफलाइन या किसी अन्य तरीके से पढ़ाई करने में वह मजा और ताजगी शायद महसूस न हो, जो स्कूल की कक्षाओं में होती है।



फिर भी असाइनमेंट, टेस्ट और क्लासेज तो चल ही रही हैं। ऐसे में जरूरत है कि आप इस चुनौती को बोझ न मानें, बल्कि खुद को प्रेरित करें, नए तरीके अपनाएं और अपने शैक्षिक सफर को और बेहतर बनाने की कोशिश करें।

Trending Videos
Don’t See Studies as a Burden, Discover Your Interests and Achieve Your Goals
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

प्रेरणा को समझना है जरूरी

शैक्षणिक मनोवैज्ञानिक बताते हैं कि पढ़ाई करने के पीछे दो खास प्रेरणाएं काम करती हैं-आंतरिक और बाह्य। आंतरिक प्रेरणा तब जन्म लेती है, जब आपकी किसी विषय या काम में स्वाभाविक रुचि होती है और उसे करने से आपको आनंद मिलता है। जैसे कोई ऐसी किताब, जिसे आप बिना किसी दबाव के, खुद ही पूरी पढ़ लेना चाहते हैं। 

इसके विपरीत, बाह्य प्रेरणा तब काम करती है, जब आपका ध्यान परिणामों पर होता है। जैसे अच्छे अंक लाना, पुरस्कार पाना या किसी उपलब्धि को हासिल करना। इस तरह की प्रेरणा में आपकी दिलचस्पी खुशी के बजाय नतीजों में होती है। सबसे बेहतर छात्र वही साबित होते हैं, जो जानते हैं कि कब आंतरिक प्रेरणा का सहारा लेना है, कब बाह्य प्रेरणा का इस्तेमाल करना है और कब जरूरत पड़ने पर दोनों में संतुलन बनाना है।

Don’t See Studies as a Burden, Discover Your Interests and Achieve Your Goals
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

कठिन कामों को आसान बनाएं

आंतरिक प्रेरणा वह ऊर्जा है, जो कठिन से कठिन काम को भी आसान और रोचक बना देती है। यह तब सबसे अच्छी तरह काम करती है, जब आप खुद को सक्षम और स्वतंत्र महसूस करते हैं। वहीं, दबाव या अनिश्चितता की स्थिति में इसका प्रभाव घटने लगता है।

इसलिए आपको अपनी पढ़ाई से जुड़ी छोटी-छोटी चीजों पर स्वतंत्र रूप से निर्णय लेना चाहिए। फिर चाहे वह पढ़ाई करने का तरीका हो, असाइनमेंट का क्रम हो या फिर अध्ययन का स्थान। अभिभावकों का प्रोत्साहन इसमें बड़ी भूमिका निभाता है, बशर्ते कि वह सही ढंग से दिया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Don’t See Studies as a Burden, Discover Your Interests and Achieve Your Goals
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

बाहरी सहारे की जरूरत

मेहनती और जिम्मेदार युवा हरदम केवल अपनी आंतरिक प्रेरणा पर ही निर्भर नहीं रहते। कभी-कभी उन्हें बाहरी सहारे की भी जरूरत होती है। ऐसे समय में वे उन तरीकों पर ध्यान देते हैं, जो आंतरिक प्रेरणा के कमजोर पड़ने पर मददगार साबित हों।

बतौर छात्र आपको चाहिए कि आप उन तरीकों पर ध्यान दें, जो आपको रुकने के बजाय आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। जैसे-ब्रेक लेकर खुद को दोबारा तरोताजा करना, बीच-बीच में स्ट्रेचिंग से दिमाग को नया फोकस देना, सोशल मीडिया के लिए वक्त तय करना या फिर किसी काम को खत्म करने के बाद खुद को सराहना।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed