हरियाणा 10वीं रिजल्टः कोई डॉक्टर तो कोई बनना चाहता है इंजीनियर जानिए क्या कहते हैं ये टॉपर्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला टॉपर 1 : 488/500
भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं मानसी
जिला टॉपर बनने वाली मोहना गांव की मानसी भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं। इसके लिए वह पूरी लगन के साथ जुट गई हैं। वह आईएएस बनने के लिए नियमित रूप से अखबार पढ़ने के साथ देश, दुनियां की गतिविधियों से अपडेट रहती हैं। यह मोहना गांव के एसडी मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पढ़ाई कर रही हैं। इनके पिता जोगिंदर सिंह गोच्छी स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अतिथि शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। मां सुरेशबाला इसी स्कूल में संस्कृत की शिक्षिका हैं। पिता जोगिंदर सिंह ने बताया कि मानसी को बैडमिंटन का शौक है। वह नियमित रूप से पढ़ाई के साथ खेल प्रतियोगिता में आगे रहती थी। वह रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करने का लक्ष्य बना रखा था।
जिला टॉपर 2 : 478/500
सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं संस्कार
जिले में दूसरे नंबर पर रहने वाला संस्कार सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता है। संस्कार को आईआईटी में दाखिला लेकर आगे की पढ़ाई करनी है। वह डबुआ कॉलोनी स्थित शांति विद्या निकेतन हाईस्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। प्रिंसिपल राज मनोचा ने बताया कि संस्कार के पिता अनुज कुमार गोयल एक निजी कंपनी में फील्ड वर्क करते हैं। मां ममता गोयल गृहिणी हैं। संस्कार मध्यम वर्गीय परिवार से है। पढ़ाई के बाद अपना अधिकांश समय कंप्यूटर पर व्यतीत करता है।
जिला टॉपर 3 : 476/500
इंजीनियर बनना चाहते हैं दीपक
सेक्टर-8 सीही गांव स्थित सर्वोदय हाई स्कूल के दीपक जिला टॉप करना चाहते थे, लेकिन सफलता हाथ नहीं लग सकी। स्कूल के चेयरमैन देव किशन ने बताया कि दीपक शुरुआत से पढ़ाई में बहुत अच्छा रहा है। उसके पिता भोला एक निजी कंपनी में काम करते हैं। दीपक 11वीं कक्षा में विज्ञान से पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्होंने गणित में सबसे अधिक अंक 98 अंक प्राप्त किए हैं, जिसके लिए वे अपने अध्यापक रविंद्र को श्रेय दे रहे है। दीपक का कहना है कि यह सब उसकी टाइमटेबल के अनुसार पढ़ाई करने व उसके अध्यापकों की कढ़ी मेहनत का नतीजा है।
जिला टॉपर 3 : 476/500
डॉक्टर बनना चाहती है खुशी
जिले में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहने वाली सतपुरा गांव की खुशी वशिष्ठ डॉक्टर बन कर गरीबों की सेवा करना चाहती है। खुशी ने पिछले दो वर्ष से अपना डॉक्टर बनने का लक्ष्य तय कर रखा है। यह तिगांव स्थित रीडियंट पब्लिक हाई स्कूल की विद्यार्थी है। इनके पिता नंदकिशोर वशिष्ठ हरियाणा पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह वर्तमान में गुरुग्राम की भौंडसी जेल में तैनात है। मां सोनम वशिष्ठ गृहिणी है। स्कूल के निदेशक पवन अग्रवाल ने बताया कि खुशी प्रतिदिन पांच से छह घंटे पढाई करती थी। यह खेलकूद के साथ सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों में अव्वल रही। यह अपनी सफलता का श्रेय माता पिता एवं गुरूजनों को देती है।