दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों को लेकर नॉर्थ कैंपस, साउथ कैंपस, बाहरी दिल्ली के कॉलेजों में पुलिस के कड़े इंतजाम रहे। नॉर्थ कैंपस तो पूरी तरह से छावनी में तब्दील रहा। इतने सालों में पुलिस व प्रशासन की इतनी सख्ती दिखाई नहीं दी, जितनी इस बार के चुनावों में दिखाई दी।
DU इलेक्शन में उड़ीं आचार संहिता की धज्जियां, किले में तब्दील हुआ कैंपस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैंपस में जगह-जगह बैरिकेटिंग दिखाई दी। खासतौर पर मतदान केन्द्र से 100 मीटर पहले ही छात्रों केलिए बैरिकेटिंग लगाए गए थे जिसकेकारण छात्रों की सही तरह से जांच करने केबाद ही उन्हें कैंपस व कॉलेज में अनुमति मिली।
बिना आई-कार्ड केकैंपस व कॉलेज में जाने पर मनाही रही। कैंपस में छात्रावास मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद रही।
नेताओं का लगा रहा तांता
मतदान केदौरान कैंपस व कॉलेजों में कई जिला अध्यक्षों व नेताओं का तांता लगा रहा। अपने-अपने संगठन के उम्मीदवारों केसमर्थन केलिए वह कैंपस पहुंचते रहे। हालांकि उनकेप्रचार की मनाही केकारण उन्होंने कैंपस में ही चक्कर लगाया। इनमें दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन, कांग्रेसी नेता ऑस्कर फर्नाडिस, पीसी चाको, एनएसयूआई के पूर्व डूसू अध्यक्ष रोहित चौधरी व बीजेपी के विभिन्न जिला अध्यक्ष शामिल हैं।
मतदान शुरू होने के बाद से संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता व पदाधिकारी विभिन्न जगहों पर खड़े होकर अपने पैनल के बैलेट नंबर बताकर छात्रों से वोट करने की अपील करते दिखाई दिए। मेट्रो से उतरने वाले छात्र को वहीं पर पैनल नंबर की जानकारी दी जाती रही। संगठन से जुड़े कार्यकर्ता शरीर पर कागज पर लिखे बैलेट नंबर की जानकारी लगाकर कैंपस में घूमते देखे गए।