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CBSE 10th Result: आतंकवाद के बीच रहकर आई इस ऑल इंडिया टॉपर का सक्सेस मंत्रा है बेहद खास
नवीन सक्सेना, अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Thu, 31 May 2018 07:04 AM IST
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shahista
- फोटो : amar ujala
सीबीएसई 10 वीं के परीक्षा परिणाम में ऑल इंडिया स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा शाइस्ता सदफ अपनी कामयाबी खुशी से फूले नहीं समा रहीं।
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वह कहतीं हैं कि उन्होंने कभी पढ़ाई की टेंशन नहीं की और जब भी पढ़ने बैठीं तो केवल ध्यान से पढ़ा। उनका मानना है कि बिना टेंशन के पढ़ने पर कोई भी मंजिल आसानी से पाई जा सकती है। कक्षा नौ तक की पढ़ाई जम्मू कश्मीर के श्रीनगर से करने वाली शाइस्ता वहां आतंकवाद से व्यथित दिखीं, कहा आतंकवाद युवाओं के आगे बढ़ने में बाधक है, इस समस्या का समाधान जल्द होना चाहिए।
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रानीखेत कैंट के आर्मी पब्लिक स्कूल की छात्रा शाइस्ता सदफ के पिता रानीखेत कैंट में जेसीओ के पद पर हैं। उनकी मां मुस्लिमा बेगम गृहणी हैं। शाइस्ता रानीखेत के आर्मी पब्लिक स्कूल में कक्षा दस में ही प्रवेश लिया था। मूल रूप से उड़ीसा के भुवनेश्वर निवासी शाइस्ता ने इससे पहले कक्षा नौ तक की पढ़ाई कश्मीर के श्रीनगर कैंट में आर्मी पब्लिक स्कूल से की।
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आतंकवाद की वजह से बच्चों को पढ़ाई में कई दिक्कतें हैं
आतंकी
वह कहतीं है कि वहां आतंकवाद की वजह से बच्चों को पढ़ाई में कई दिक्कतें हैं लेकिन वह तो आर्मी स्कूल में पढ़ती थीं उन्हें तो परेशानी नहीं थी मगर दूसरे बच्चों को लगती थी। उनका कहना है कि जितनी स्वतंत्रता से हम यहां घूम फिर लेते हैं, उतनी आजादी श्रीनगर में नहीं है। वर्ष 2016 में तो हालात अच्छे ही नहीं थे इसलिए घर से स्कूल और स्कूल से घर ही आना जाना होता था।
हल्द्वानी के आकाश इंस्टीट्यूट में मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रहीं शाइस्ता अपनी सफलता का श्रेय माता पिता को देती हैं।
उनका मानना हैं कि लक्ष्य के लिए विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत के साथ-साथ केवल ध्यान लगाकर पढ़ना ही जरूरी है। उन्होंने कभी भी दो-तीन घंटे से अधिक स्टडी नहीं की। शाइस्ता का कहना है कि उसे नावेल पढ़ने में खासी रुचि है। पढ़ाई की थकावट दूर करने के लिए वह कभी गाने सुनती थीं तो कभी बैडमिंटन भी खेलती थीं। वह सोशल स्टडीज विषय को सबसे अधिक बोरिंग विषय मानती हैं।
हल्द्वानी के आकाश इंस्टीट्यूट में मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रहीं शाइस्ता अपनी सफलता का श्रेय माता पिता को देती हैं।
उनका मानना हैं कि लक्ष्य के लिए विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत के साथ-साथ केवल ध्यान लगाकर पढ़ना ही जरूरी है। उन्होंने कभी भी दो-तीन घंटे से अधिक स्टडी नहीं की। शाइस्ता का कहना है कि उसे नावेल पढ़ने में खासी रुचि है। पढ़ाई की थकावट दूर करने के लिए वह कभी गाने सुनती थीं तो कभी बैडमिंटन भी खेलती थीं। वह सोशल स्टडीज विषय को सबसे अधिक बोरिंग विषय मानती हैं।
शाइस्ता सदफ के अंक:
सीबीएसई 10 वीं का परिणाम घोषित होने के बाद छात्राएं खुशी इजहार करतीं हुईं
हिंदी में 99
अंग्रेजी में 100
गणित में 98
विज्ञान में 100
एसएसटी में 100
अंग्रेजी में 100
गणित में 98
विज्ञान में 100
एसएसटी में 100