पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया के बल्लेबाजों की सबसे बड़ी कमी बताई है। गावस्कर का मानना है कि भारतीय बल्लेबाजों को बैकफुट पर खेलने में काफी दिक्कत होती है, जो वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में दिखी।
गावस्कर ने एक अंग्रेजी अखबार में अपने कॉलम में लिखा, 'ओशेन थॉमस ने उन यादों को ताजा कर दिया जब वेस्टइंडीज का महान तेज गेंदबाजी आक्रमण अपनी गति और उछाल से भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा लेता था। कप्तान कार्लोस ब्रेथवेट ने उनकी लंबाई का अच्छा फायदा उठाया और ऐसी लेंथ पर गेंद डाली, जिससे भारतीय बल्लेबाजों को बैकफुट पर खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा।'
गावस्कर ने आगे कहा, 'भारतीय बल्लेबाजों को पहले कभी शॉर्ट गेंदों पर इतना असहज नहीं देखा गया, लेकिन जबसे प्रति ओवर एक बाउंसर का नियम आया है तबसे लगता है कि टीम इंडिया के बल्लेबाज बैकफुट पर जाकर गेंद खेलना भूल गए हैं। टी20 मैच में एक गेंदबाज सिर्फ चार ओवर ही कर सकता है, ऐसे में थॉमस को अन्य तेज गेंदबाज का समर्थन नहीं मिला। इसकी वजह से भारतीय मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज टीम को जीत दिलाने में कामयाब रहे।'
लिटिल मास्टर गावस्कर ने दूसरे टी20 के लिए थॉमस को टीम इंडिया का सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा, 'ईडन गार्डंस के समान ही लखनऊ में भी पिच मिलेगी, जिस पर थॉमस खतरनाक साबित हो सकते हैं। भारतीय टीम भी लखनऊ के नए स्टेडियम से परिचित नहीं है, जिसे देखकर लगता है कि दोनों ही कप्तान टॉस हारना चाहेंगे ताकि जान सकें कि पिच कैसा बर्ताव कर रही है।'
वैसे पूर्व भारतीय कप्तान गावस्कर ने दिनेश कार्तिक, क्रुणाल पांड्या और खलील अहमद की तारीफ की। उन्होंने कहा, 'कार्तिक ने एक बार फिर बताया कि वह क्लासी बल्लेबाज हैं और पांड्या के साथ मिलकर टीम को जीत दिलाई। पांड्या ने दर्शाया कि वह बड़े स्तर के खिलाड़ी हैं। वह पहले भी आईपीएल में ऐसा कर चुके हैं और टीम इंडिया की जर्सी पहनने के बाद उनके बर्ताव में कोई बदलाव नहीं आया। खलील ने भी उम्दा प्रदर्शन किया।'