टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और चयनकर्ता संदीप पाटिल ने खिलाड़ियों के 'यो-यो' टेस्ट को लेकर बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बीसीसीआई की चयन प्रक्रिया पर निशाना साधते हुए कहा है कि, इससे भारतीय खिलाड़ियों के करियर के साथ खिलवाड़ हो रही है।
'यो-यो' टेस्ट पर पूर्व क्रिकेटर का बड़ा बयान, बोले- हो रहा है खिलाड़ियों के करियर के साथ खिलवाड़
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पाटिल ने 'मिड-डे' से बातचीत में कहा, 'मैं फिटनेस के मापदंड के खिलाफ नहीं हूं लेकिन मुझे यह बहुत बेतुका लगता है कि टीम में चुने जाने के बाद यो यो टेस्ट में विफल होने के लिए एक खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया जाता है। इस तरह से आप टीम का संतुलन बिगाड़ रहे हैं और आप एक क्रिकेट खिलाड़ी के करियर के साथ खेल रहे हैं।'
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से टीम इंडिया के हर खिलाड़ी के लिए टीम में जगह पाने के लिए यो-यो फिटनेस टेस्ट पास करना अनिवार्य हो गया है। ऐसा न कर पाने वालों को टीम से बाहर भी होना पड़ा है। हाल ही में बेंगलुरु स्थित नेशनल क्रिकेट ऐकैडमी में हुए यो-यो टेस्ट में टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और धाकड़ बल्लेबाज अंबाती रायुडू फेल हो गए थे।
बता दें कि इससे पहले भी पाटिल ने कहा था, 'जैसे टेस्ट क्रिकेट में खिलाड़ियों को खुद को साबित करने के लिए दो पारियां दी जाती हैं, वैसे ही यो-यो टेस्ट के मामले में भी उसे दो मौके मिलने चाहिए। यदि एक खिलाड़ी टेस्ट पास नहीं कर पाता है, तो उसे कुछ घंटे बाद या अगले दिन दूसरा मौका दिया जाना चाहिए।'
हाल ही में यो-यो टेस्ट में अंबाती रायुडू के फेल हो जाने के बारे में पाटिल ने कहा था, हो सकता है कि एक खिलाड़ी का ध्यान उस वक्त मानसिक रूप से वहां न हो। आप एक खिलाड़ी के करियर की बात कर रहे हैं। उसने पूरे साल घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है, और सिर्फ आधे घंटे में आप ये फैसला कर देंगे कि वह दौरे पर जाएगा या नहीं, आप खिलाड़ियों को इस तरह से ड्रॉप नहीं कर सकते हैं।'