भारत के स्टार सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने न्यूजीलैंड दौरे को खुद के लिए बड़ी चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि मेजबान टीम का बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण न्यूजीलैंड को क्रिकेट खेलने के लिए सबसे मुश्किल जगहों में से एक बनाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह अगले महीने होने वाले दौरे की चुनौती के लिए तैयार हैं। सलामी बल्लेबाज के रूप में अपनी पहली टेस्ट श्रृंखला में रोहित ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक दोहरे शतक सहित तीन शतक जड़े थे।
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रोहित शर्मा
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फरवरी में वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च में होने वाले दो टेस्ट मैच में उन्हें नील वैगनर, मैट हेनरी, ट्रेंट बोल्ट और टिम साउथी जैसे तेज गेंदबाजों का सामना करना होगा। रोहित ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि न्यूजीलैंड क्रिकेट खेलने के लिए आसान देशों में से एक नहीं है। पिछली बार हमें टेस्ट श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन हमने कड़ी टक्कर दी थी। अब हमारा मौजूदा गेंदबाजी आक्रमण तब की तुलना में बिलकुल अलग है।
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रोहित ने कहा कि निजी तौर पर इसमें कोई शक नहीं कि नई गेंद से गेंदबाजों का सामना करना और उन गेंदबाजों के खिलाफ खेलना जो बीच के ओवरों में आएंगे चुनौती होगी। रोहित को पता है कि भारत के बाहर गेंद अधिक स्विंग और सीम ले सकती है, लेकिन पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला अच्छा बदलाव रही जहां उपमहाद्वीप की सामान्य पिचों से अलग तरह की पिचें थीं।
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सलामी बल्लेबाज ने कहा कि किसी भी हालात में नई गेंद का सामना करना आसान नहीं होता। बेशक भारत के बाहर यह और अधिक मुश्किल है। हम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन टेस्ट खेले और मैंने भारत में कभी गेंद को इतना स्विंग होते हुए नहीं देखा जितना गेंद पुणे (दूसरे टेस्ट में) में स्विंग हो रही थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने (दक्षिण अफ्रीका ने) जो शुरुआती ओवर फेंके, उस समय पिच में नमी थी और इसलिए उन्हें काफी मदद मिली।
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रांची में (जहां रोहित ने दोहरा शतक जड़ा) भी हमने काफी जल्दी तीन विकेट गंवा दिए थे। रोहित ने कहा कि लेकिन मुझे पता है कि क्या उम्मीद की जा सकती है क्योंकि पिछली बार (2014 श्रृंखला में) मैं वहां था। आसान हालात नहीं होंगे लेकिन मैं इस चुनौती के लिए तैयार हूं। भारत आईसीसी प्रतियोगिताओं में पिछले छह साल में खिताब जीतने में विफल रहा है, लेकिन रोहित का मानना है कि युवा खिलाड़ी जब एक साथ पर्याप्त समय तक खेल लेंगे तो चीजें बेहतर होंगी।