भारत में क्रिकेट सबसे ज्यादा खेला और देखा जाने वाला खेल है। इस खेल का भविष्य नई प्रतिभाओं पर टिका है, जो काफी ज्यादा सुनहरा नजर आता है। उभरते हुए सितारों के लिए रणजी क्रिकेट अपनी प्रतिभा का सबूत देने का सबसे बड़ा मंच है। इसी मंच की गली से ही टीम इंडिया तक का रास्ता निकलता है।
इस सीजन में घरेलू क्रिकेटरों ने तोड़े क्रिकेट के ये बड़ रिकॉर्ड
रणजी 2016-17 का सत्र अभी तक काफी शानदार रहा है। आईपीएल के अलावा रणजी में भी युवा खिलाड़ियों ने अपने बल्ले और गेंद से रिकॉर्डतोड़ खेल दिखाकर टीम इंडिया के लिए दरवाजा खटखटाया है। जानिए क्रिकेट के वो बड़े रिकॉर्ड्स इस साल के रणजी सीजन नें टूटे:
इस सीजन में घरेलू क्रिकेटरों ने तोड़े क्रिकेट के ये बड़ रिकॉर्ड
सबसे तेज रणजी शतक – ऋषभ पंत (48 गेंद में 100 रन)
दिल्ली के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ने रणजी के इस सत्र में शानदार पारी खेली। ऋषभ ने अब तक इस रणजी सत्र में 90 से ज्यादा की औसत से 907 रन बनाए हैं, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 106 से ज्यादा का है। पंत से झारखंड के खिलाफ 48 बॉल में सेंचुरी पूरी करते हुए 67 बॉल में 135 रनों की पारी खेली। इसके अलावा पंत रणजी इतिहास में दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज जिन्होंने तिहरा शतक जड़ा हो। पंत ने महाराष्ट्र के खिलाफ 308 रनों की धाकड़ पारी खेली।
इस सीजन में घरेलू क्रिकेटरों ने तोड़े क्रिकेट के ये बड़ रिकॉर्ड
रणजी की सबसे बड़े साझेदारी – 594 रन (स्वपनिल गुगले और अंकित बावने)
महाराष्ट्र के दोनों बल्लेबाजों ने दिल्ली के खिलाफ पहाड़नुमा साझेदारी करते हुए 594 रन जोड़े। गुगले ने 351 और बावने ने 258 रनों की पारी खेल कर दिल्ली के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। दोनों ने विजय हजारे और गुल मोहम्मद के 577 रनों के 70 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा। हालांकि दोनों कुमार संगाकारा और महेला जयवर्धने के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाए। दोनों ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 624 रन जोड़े थे।
इस सीजन में घरेलू क्रिकेटरों ने तोड़े क्रिकेट के ये बड़ रिकॉर्ड
एक सत्र में दो कप्तानो द्वारा तिहरा शतक – स्वपनिल गुगले, 351 (महाराष्ट्र) और सगुन कामत, 304 (गोवा)
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तिहरा शतक जड़ना आसान बात नहीं। इस सत्र में अब तक 3 राज्यों के 3 बल्लेबाज तिहरा शतक जड़ चुके हैं। इनमें से दो बल्लेबाज कप्तान हैं। महाराष्ट्र के कप्तान स्वपनिल गुगले ने दिल्ली के खिलाफ 351 रन बनाए। इसके बाद गोवा के कप्तान सगुन कामत रणजी में तिहरा शतक जड़ने वाले गोवा के पहले बल्लेबाज बने। उन्होंने स्वपनिल आस्नोदकर के 254 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ा।