टीम इंडिया को वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी पांच वन-डे और तीन टी-20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज खेलना है। सीमित ओवर सीरीज की शुरुआत 21 अक्टूबर 2018 से होगी। टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज अजित अगरकर ने सलाह दी कि चयनकर्ताओं को एमएस धोनी को आराम देकर ऋषभ पंत को मौका देने के बारे में विचार करना चाहिए। उन्होंने साथ ही कहा कि उन्हें विश्वास नहीं होता कि पंत वन-डे टीम के सदस्य नहीं हैं।
अगरकर का यह बयान तब आया जब पूर्व कप्तान धोनी पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिख रहे हैं। भले ही माही को खेल का सर्वश्रेष्ठ फिनिशर माना जाता हो, लेकिन कई लोगों को ऐसा महसूस होता है कि उनका समय गुजर चूका है। धोनी ने हालांकि आईपीएल में अपना पुराना रंग जरूर दिखाया था, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में वह उसे दोहरा नहीं पाए।
धोनी का एशिया कप और इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा था। इसके चलते वह आलोचनाओं से घिर गए और कई बार उन्हें संन्यास लेने की सलाह भी दी गई। 2019 विश्व कप शुरू होने में केवल 7 महीने बचे हैं और टीम इंडिया का सबसे बड़ा सिरदर्द उसका मिडिल ऑर्डर बना हुआ है। ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसका जवाब टीम प्रबंधन और कप्तान को जल्द खोजना होगा।
अगरकर ने ईएसपीएन क्रिकइंफो से बातचीत में कहा, 'मुझे विश्वास नहीं होता कि पंत सीमित ओवर प्रारूप में टीम इंडिया के सदस्य नहीं हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि युवा को मौका देने के लिए धोनी को आराम देने में कोई नुकसान नहीं हैं।
बकौल अगरकर, 'उम्मीद है कि वन-डे में पंत को जल्द ही मौका मिलेगा। विंडीज के खिलाफ सीमित ओवर सीरीज में उन्हें मौका मिलना चाहिए। टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच पांच वन-डे की सीरीज खेली जाना है, जो युवा पंत के लिए एक बल्लेबाज या फिर विकेटकीपर के रूप में शानदार मंच साबित हो सकती है। मेरा मतलब आपको पता है कि धोनी क्या कर सकते हैं और ऐसे में उन्हें कुछ मैचों के लिए आराम देने में कोई नुकसान नहीं हैं।'