पाकिस्तानी गेंदबाजों और भारतीय बल्लेबाजों के बीच मैदान पर जंग का इतिहास पुराना है। वकार यूनुस, वसीम अकरम और शोएब अख्तर की आग उगलती गेंदों ने सचिन, अजहरुद्दीन, नवजोत सिंह सिद्धू, सौरव गांगुली को खूब छकाया है। 90 के दशक के आखिरी और 2000 के बाद के वर्षों में पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर और भारतीय बल्लेबाजों के बीच भी जोरदार टक्कर देखने को मिली।
कई बार भारतीय बल्लेबाज अख्तर पर भारी पड़ते, तो कई दफा शोएब भारतीय बल्लेबाजों की गिल्लियां बिखेर देते। ये प्रतिद्वंदिता वर्षों चली। चाहे सचिन तेंदुलकर हों, सौरव गांगुली या वीरेंद्र सहवाग, अख्तर ने अपनी खतरनाक गेंदबाजी से सभी को परेशान किया। हाल ही में आकाश चोपड़ा के साथ यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान अख्तर ने एक घटना का जिक्र किया, जब उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को जानबूझकर बीमर मारा था।
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एमएस धोनी
- फोटो : सोशल मीडिया
साल 2006 में भारतीय टीम पाकिस्तान के दौरे पर थी। फैसलाबाद टेस्ट मैच के दौरान यह घटना हुई। धोनी क्रीज पर जमकर बल्लेबाजी कर रहे थे। एमएस ने अख्तर के एक ओवर में ही तीन चौके पीट दिए, जिससे वो दबाव में आ गए। पाकिस्तानी तेज गेंदबाज ने तब धोनी को बीमर मारकर आउट करने की कोशिश की, लेकिन गेंद वाइड चली गई।
शोएब ने बताया कि मैंने फैसलाबाद में 8-9 ओवर फेंके थे। ये तेज स्पेल था और धोनी ने शतक जड़ा था। मैंने धोनी को जानबूझकर बीमर मारा और फिर माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका था जब मैंने जानबूझकर बीमर का इस्तेमाल किया। मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था और मुझे इसका बेहद अफसोस है। विकेट भी धीमा था और वो बेहतरीन तरीके से खेल रहा था। मैं जिस तेजी के साथ गेंदबाजी कर रहा था, वो उसी रफ्तार से गेंद पर बल्ला चला रहा था।
भारत-पाकिस्तान के बीच खेले गए उस टेस्ट मैच में धोनी ने 148 रनों की शानदार पारी खेलकर अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ा था। अपनी पारी के दौरान धोनी ने 19 चौके और चार छक्के लगाए थे। हालांकि यह टेस्ट मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ था।