कोरोना संकट के बीच दोबारा से शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब कोविड-19 के रोकथाम के लिए बनाए गए नियमों को लेकर विवाद होने लगा है।वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच से पहले इंग्लैंड द्वारा जिस जैव सुरक्षित वातावरण नियम के तहत जोफ्रा आर्चर को टीम से हटाया गया, उसपर अब बहस छिड़ गई है।
ECB के जैव सुरक्षित वातावरण नियम पर छिड़ी बहस, आर्चर को बाहर करने पर होल्डिंग ने किए सवाल
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वेस्टइंडीज के अपने जमाने के दिग्गज तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने जोफ्रा आर्चर को दूसरे टेस्ट मैच से पहले जैव सुरक्षित वातावरण के उल्लंघन करने के बाद इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड द्वारा कोविड-19 को रोकने के लिए किए गए उपायों पर सवाल उठाए हैं।
आर्चर को टीम प्रोटोकॉल के उल्लंघन के कारण दूसरे टेस्ट मैच की टीम से बाहर कर दिया गया। वह पहले टेस्ट मैच के बाद ब्राइटन में अपने घर चले गए थे। उन्हें अब पांच दिन तक पृथकवास में रहना होगा और इस दौरान उनके कोविड-19 के लिए दो परीक्षण होंगे।
होल्डिंग ने दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन के खेल के दौरान ‘स्काई स्पोर्ट्स क्रिकेट’ से कहा, ‘मैं ईसीबी से इस प्रोटोकॉल को लेकर कुछ सवाल करना चाहता हूं। मैं समझ सकता हूं कि प्रोटोकॉल को लागू करना जरूरी है लेकिन मुझे लगता है कि यह थोड़ा अधिक तार्किक होना चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड की टीम ने बस से यात्रा क्यों नहीं की? अगर उन्होंने कोविड-19 परीक्षण पास कर लिया है, सभी साथ में है। उन्हें छह टेस्ट मैच खेलने हैं तो वे एक स्थान से दूसरे स्थान पर साथ में जा सकते हैं।’
होल्डिंग ने कहा, ‘उन्होंने अगले मैच स्थल तक के लिए बस से यात्रा क्यों नहीं की? उन्हें कार से जाने की अनुमति क्यों दी गई? इसका उद्देश्य क्या है? इस पर विचार करने की जरूरत है।’
होल्डिंग ने अप्रैल में जैव सुरक्षित वातावरण में खिलाड़ियों को गेंद पर लार का उपयोग करने से रोकने पर भी सवाल उठाए थे।