टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाजी दिनेश कार्तिक की तुलना हमेशा पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से होती रही है। क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर धोनी न होते तो दिनेश कार्तिक ही टीम के रेगुलर विकेटकीपर बल्लेबाजी होते। हालांकि कई सालों तक लगातार चुप रहने के बाद दिनेश कार्तिक ने आखिरकार इस मामले पर अपने चुप्पी तोड़ी है।
साल 2010 में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेलने वाले कार्तिक ने धोनी से अपनी तुलना करने पर कहा धोनी जैसे बहुमुखी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के रहते उनके लिए टीम में जगह बनाना आसान नहीं था। लेकिन इसका उन्हें कभी अफसोस नहीं हुआ।
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एमएस धोनी और दिनेश कार्तिक
अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट से पहले कार्तिक ने कहा, 'मेरे लगातार अच्छा प्रदर्शन कर पाने की वजह से मैं ज्यादातर समय टीम इंडिया से बाहर रहा। धोनी ने उसी समय खुद को मैदान पर साबित किया और न सिर्फ बेहतरीन क्रिकेट केले बल्कि टीम इंडिया को अपने नेतृत्व में दो वर्ल्ड कप भी जितवाए। धोनी ने मुझसे ज्यादा बेहतर किया इसलिए वो टीम के कप्तान भी बने।'
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एमएस धोनी और दिनेश कार्तिक
बता दें कि चोटिल ऋद्धिमान साहा के विकल्प के तौर पर आए कार्तिक ने बांग्लादेश के खिलाफ 2010 में अपने करियर का 23वां टेस्ट खेला था। उसके बाद से भारतीय टीम ने 87 टेस्ट खेले, जिनमें कार्तिक टीम में नहीं थे।
इस पर कार्तिक ने कहा, 'मैंने किसी असाधारण खिलाड़ी के लिए टीम इंडिया में अपना पद नहीं गंवाया। धोनी खास थे और मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। हालांकि पिछले कुछ समय से मेरा प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है और इस बार अफगानिस्तान के खिलाफ में खुद को साबित करने का पूरा प्रयास करूंगा।