टीम इंडिया के 'द वॉल' के नाम से मशहूर पूर्व बल्लेबाज राहुल द्रविड़ शुक्रवार को अपना 46वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 11 जनवरी 1973 को इंदौर में हुआ था। साल 1996 में श्रीलंका के खिलाफ सिंगर कप में डेब्यू करने वाले कर्नाटक के इस बल्लेबाज को टीम इंडिया के 'मिस्टर रिलायबल' और 'दीवार' के नाम से भी जाना जाता है।
यूं तो द्रविड़ का जन्म तो इंदौर में हुआ था, लेकिन उनका परिवार कर्नाटक शिफ्ट हो गया था। उनकी पढ़ाई कर्नाटक से ही हुई। सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से एमबीए करने के दौरान ही उनका सिलेक्शन नेशनल क्रिकेट टीम में हो गया था। वह एक स्टेट लेवल हॉकी प्लेयर भी रह चुके हैं।
टीम इंडिया के महान बल्लेबाज और पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के नाम टेस्ट क्रिकेट खेलने वाली सभी टीमों के खिलाफ शतक ठोकने का अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। क्रिकेट के जेंटलमैन कहे जाने वाले द्रविड़ को मुश्किल से मुश्किल परिस्थियों में भी विरोधी टीम के सामने दीवार की तरह खड़े होकर मैच जिताने वाले खिलाड़ियों के रूप में जाना जाता हैं।
साल 2000 में विजडन क्रिकेटर्स ने उन्हें साल के टॉप 5 क्रिकेटर्स में शुमार किया था। 2004 में उन्होंने आईसीसी का बेस्ट टेस्ट क्रिकेटर का अवॉर्ड भी अपने नाम किया था। दिसंबर 2011 में वह पहले गैर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर बने, जिन्हें कैनबरा में ब्रैडमैन ओरेशन दिया गया था। द्रविड़ को 'पद्म श्री' और 'पद्म भूषण' जैसे सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।
गौरतलब है कि राहुल द्रविड़ ने 164 टेस्ट में उन्होंने 52.31 की औसत से 13288 रन बनाए, जिसमें 36 शतक और 63 अर्धशतक शामिल रहे। इसी तरह 344 वन-डे मैचों में द्रविड़ ने 39.16 की औसत से 10889 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 83 अर्धशतक शामिल हैं। इतना ही नहीं द्रविड़ को स्लिप का बेहतरीन फिल्डरों में भी शुमार किया जाता था।